टाइगर रिजर्व में वन विभाग की टीम पर हमला : अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी करने पहुंचे DFO वरुण जैन को ग्रामीणों ने घेरा, पुलिस बल बुलाना पड़ा.. देखें वीडियो..

गरियाबंद/धमतरी। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के संवेदनशील जैतपुरी गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी करने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया।

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उपनिदेशक एवं डीएफओ वरुण जैन अपनी टीम के साथ कार्रवाई के लिए गांव पहुंचे थे, लेकिन बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख तत्काल सिहावा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया गया।

जानकारी के अनुसार जैतपुरी गांव लंबे समय से वन अतिक्रमण और जंगल कटाई के मामलों को लेकर चर्चा में है। हाल ही में वन विभाग द्वारा सेटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वे के जरिए की गई जांच में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे और जंगल कटाई का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया कि पिछले करीब 15 वर्षों में लगभग एक लाख पेड़ों की अवैध कटाई कर 106 हेक्टेयर यानी करीब 265 एकड़ वनभूमि पर कब्जा किया गया है।

वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरा क्षेत्र सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर जोन और महानदी कैचमेंट एरिया में आता है, जो पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। वर्ष 2011 में जहां लगभग 45 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण दर्ज था, वहीं अब यह बढ़कर 106 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार पहले यहां प्रति हेक्टेयर लगभग एक हजार पेड़ मौजूद थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 25 से 50 पेड़ों तक सीमित रह गई है।

वन विभाग ने इस मामले में 166 लोगों के खिलाफ विभिन्न प्रकरण दर्ज किए हैं। सभी आरोपियों को बेदखली नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की गई थी। इसी सिलसिले में डीएफओ वरुण जैन अपनी टीम के साथ सोमवार को जैतपुरी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और विरोध करते हुए वन विभाग की टीम को घेर लिया। स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और अधिकारियों-कर्मचारियों को किसी तरह खुद को सुरक्षित निकालना पड़ा।

डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि टीम अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी के लिए गई थी, लेकिन वहां मौजूद ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति काफी गंभीर हो गई थी और तत्काल पुलिस को सूचना देकर सहायता मांगी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद हालात नियंत्रण में आए और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

इस घटना के बाद कई बड़े सवाल भी खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से लगातार जारी अतिक्रमण और जंगल कटाई पर समय रहते सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह भी जांच का विषय बन गया है।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन और वन विभाग सतर्क हो गया है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है, वहीं अवैध कब्जों और जंगल कटाई के मामले में विस्तृत जांच जारी है।