

दूरदराज के जंगलों से शिक्षा तक आसान पहुंच, दिव्यांग छात्रों को भी मिली नई सहूलियत..

बिलासपुर/अचानकमार। वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा की राह अब और आसान हो गई है। अचानकमार टाइगर रिजर्व में रहने वाले वनवासी छात्र-छात्राओं के लिए शुरू की गई ‘स्कूल एक्सप्रेस’ सुविधा एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। इस पहल के तहत अब बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने-जाने के लिए नियमित बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है। पहले जहां कई छात्र केवल परिवहन की कमी के कारण स्कूल नहीं जा पाते थे, वहीं अब वे समय पर और सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच रहे हैं।
इस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ उन विद्यार्थियों को मिला है, जो आर्थिक या भौगोलिक कठिनाइयों के चलते पढ़ाई से वंचित हो रहे थे। खासकर दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए यह पहल बेहद कारगर साबित हुई है, जिन्हें पहले स्कूल तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उनके बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है। बच्चों में भी स्कूल जाने को लेकर उत्साह बढ़ा है और वे नियमित रूप से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
‘स्कूल एक्सप्रेस’ योजना न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में सुधार ला रही है, बल्कि वनवासी क्षेत्रों में सामाजिक विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। आने वाले समय में इस तरह की और योजनाओं से शिक्षा का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद जताई जा रही है।



