उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोचिंग टीम की बड़ी कार्रवाई : अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोचिंग टीम ने अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ और ओडिशा से जुड़े शिकारियों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

वन विभाग को 5 मार्च 2026 को गोपनीय सूचना मिली थी कि रायपुर-देवभोग राष्ट्रीय राजमार्ग 130-सी से तेंदुए की खाल की अवैध तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोचिंग टीम और उत्तर उदंती वन परिक्षेत्र के वन अमले ने तौरेंगा वनोपज जांच नाका पर वाहनों की सघन जांच शुरू की।

जांच के दौरान रायपुर से देवभोग की ओर जा रही मारुति सुजुकी ईको (क्रमांक CG 04 PT 2966) को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें तेंदुए की खाल का आधा हिस्सा बरामद हुआ। खाल की लंबाई करीब 65 सेंटीमीटर और चौड़ाई 37 सेंटीमीटर बताई गई है। वन विभाग ने मौके पर ही खाल और वाहन को जब्त कर लिया।

वाहन में सवार जमरसाय (55 वर्ष), निवासी ग्राम कटेलपारा, थाना छुरा और वाहन चालक सूरज नेताम (21 वर्ष), निवासी ग्राम कांटाखुसरी, थाना छुरा को पकड़कर पूछताछ के लिए वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती मैनपुर लाया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।

वन विभाग ने दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद 7 मार्च 2026 को दोनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया।

जांच के दौरान आरोपी जमरसाय की निशानदेही पर ओडिशा के मंगलू मांझी (60 वर्ष), निवासी ग्राम पंचमपुर, तहसील नुआपाड़ा को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि जुलाई 2025 (आषाढ़ माह) में ओडिशा के खुटपणबेरा गांव के पास बिजली के तार से करंट लगाकर जंगली सूअर और तेंदुए का शिकार किया गया था।

वन विभाग के अनुसार इस मामले में छूरा क्षेत्र के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। इसके अलावा उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोचिंग टीम टाइगर रिज़र्व से लगभग 50 किलोमीटर के दायरे के बाहरी क्षेत्रों में भी सघन सर्च अभियान चलाकर पूरे इलाके को सैनिटाइज करेगी।

यह कार्रवाई पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) अरुण पाण्डेय, सीसीएफ वाइल्ड लाइफ सतोविशा समाजदार और उपनिदेशक वरुण जैन के मार्गदर्शन में की गई। इस अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस साइबर सेल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोचिंग टीम और उत्तर उदंती वन परिक्षेत्र मैनपुर के वन अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।