

गरियाबंद। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के तौरेगा बफर क्षेत्र में एक नर तेंदुए को जाल में फंसाकर घायल करने के मामले में वन विभाग को बड़ी कामयाबी मिली है। विभाग ने इस शिकार की साजिश रचने वाले पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

खेत में फंसा मिला था जख्मी तेंदुआ..
मामला 25 दिसंबर का है जब कोकड़ी राजस्व क्षेत्र के पास ग्रामीणों ने एक नर तेंदुए को शिकारियों के बिछाए लोहे के फंदे में फंसे देखा। तेंदुआ काफी जख्मी हालत में था और दर्द से कराह रहा था। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वन्य प्राणी के रेस्क्यू के साथ ही शिकारियों की तलाश शुरू की गई। विभाग ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
जांच में खुले राज, आरोपी दबोचे गए..

पिछले छह दिनों से वन विभाग की टीम आरोपियों की सुरागकशी में जुटी थी। जांच के दौरान मुखबिरों की सूचना पर ग्राम नगबेल (टांगरापानी) में दबिश दी गई। यहां रहने वाले सोना सिंह मंडावी और उसके पिता अयतु राम मंडावी से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने तेंदुए को फंसाने की बात कुबूल कर ली।
अदालत ने भेजा जेल..
वन अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। गुरुवार को आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गरियाबंद के न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को जिला जेल गरियाबंद में दाखिल करा दिया गया है।



