
विश्व हिंदू परिषद-बजरंगदल के आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मातृशक्ति शामिल, हर्ष छाबरिया बोले – माता के शस्त्र अन्याय के प्रतिकार और निर्बलों की रक्षा के प्रतीक..

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही के दुर्गा पंडाल में शनिवार रात 8 बजे विश्व हिंदू परिषद-बजरंगदल की ओर से भव्य शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मातृशक्ति और संगठन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। शस्त्र पूजन के माध्यम से सनातन संस्कृति, साहस, शौर्य और धर्म की रक्षा का संदेश दिया गया।
शक्ति का सदुपयोग और निर्बलों की रक्षा जरूरी : हर्ष छाबरिया..


कार्यक्रम में हर्ष छाबरिया ने कहा कि माता दुर्गा के हाथों में शस्त्र देखकर हमें उनकी उपयोगिता और महत्व को समझना चाहिए। माता के शस्त्र केवल शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि अन्याय का प्रतिकार करने, धर्म की रक्षा करने और निर्बलों को सुरक्षा देने की प्रेरणा भी देते हैं। शस्त्र पूजन की परंपरा हमें अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक रहने और शक्ति का सदुपयोग करने का संदेश देती है।
संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे उपस्थित..
समारोह में विश्व हिंदू परिषद के विभाग संयोजक सागर पटेल, जिला मंत्री प्रकाश साहू, जिला सह मंत्री निखिल परिहार, जिला संयोजक रविन्द्र कैवर्त, विनय पांडे, उत्तम राय, शिवम साहू, संतोष साहू, प्रदीप भानु, मोहन यादव, वीर राठौर, रूपेश साहू, पुरन यादव और राहुल साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


आयोजन के सफल संचालन में स्थानीय समिति के सदस्यों का भी योगदान रहा। इनमें मरवाही के सरपंच लखन सिंह पेंद्रो, अनिल साहू, चंद्रप्रकाश साहू, सुनील साहू, देवलाल साहू, त्रिवेणी साहू, रोहित यादव, संजू, श्रीकांत और अजय साहू सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। आयोजकों ने समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिले के विभिन्न गांवों में भी हो रहे शस्त्र पूजन कार्यक्रम..
विश्व हिंदू परिषद-बजरंगदल की ओर से जिले के अलग-अलग गांवों में भी शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक परंपराओं, सनातन संस्कृति और शौर्य के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।


मरवाही में आयोजित समारोह में श्रद्धालुओं और मातृशक्ति की भागीदारी ने आयोजन को सामूहिक स्वरूप दिया। कार्यक्रम के माध्यम से धर्म रक्षा, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और शक्ति के सदुपयोग का संदेश दिया गया।







