

बिलासपुर। बिलासपुर फील्ड ग्रुप और जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स इनकम टैक्स के निशाने पर है।गुरुवार को इनकम टैक्स की टीम ने दोनों पर कार्रवाई की है इनकम टैक्स की कार्रवाई से कोल व्यापारियों में हड़कंप गया है। गुरुवार को इनकम टैक्स विभाग की टीमों ने बिलासपुर और जांजगीर चांपा में एक साथ रेड मारी है।

बिलासपुर में फील ग्रुप और जांजगीर में तिरुपति मिनरल्स के ठिकानों पर सुबह से ही जांच चल रही है। गाड़ियों पर SIR सर्वे टीम के स्टीकर लगाकर पहुंचे अफसरों ने दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है। इस औचक निरीक्षण से पूरे कोयला बाजार में खलबली मची हुई है।
फील ग्रुप के घर और दफ्तर पर चल रही कार्यवाही..
बिलासपुर में कार्रवाई के सेंटर फील ग्रुप के MD प्रवीण झा है। आईटी की टीम ने उनके श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कॉर्पोरेट दफ्तर और रामा वर्ल्ड स्थित आलीशान निवास पर एक साथ दस्तक दी। इसके अलावा फैक्ट्री में भी टीम पहुंची हुई है। बताया जा रहा है कि टीम ने आते ही दरवाजों को बंद करवा दिया और कर्मचारियों के मोबाइल जब्त कर लिए ताकि कोई खबर बाहर न जा सके। प्रवीण झा पहले भी स्टेट जीएसटी की रडार पर रहे हैं और करोड़ों का टैक्स सरेंडर कर चुके हैं।
जांजगीर में अंशुमान मुरारका के ठिकानों पर रेड..
उधर जांजगीर चांपा जिले में भी कोयला व्यापारी अंशुमान मुरारका के तिरुपति मिनरल्स पर विभाग की नजर टेढ़ी हो गई। चांपा बिर्रा रोड स्थित उनके कार्यालय में आईटी की टीम सुबह से ही डेरा जमाए हुए है। यहां भी वित्तीय रिकॉर्ड और लेन देन के कच्चे चिट्ठों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कागजों में दिखाए गए मुनाफे और असल कमाई में कितना अंतर है।
कोल मिक्सिंग और टैक्स चोरी का शक..
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर कोयले की मिक्सिंग और टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। कारोबारी टैक्स बचाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रहे थे। कमाई के मुकाबले टैक्स कम भरने की आशंका के चलते यह सर्वे किया जा रहा है। जांच में शामिल अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है लेकिन माना जा रहा है कि देर शाम तक दस्तावेजों की जांच के बाद बड़ी काली कमाई का खुलासा हो सकता है।



