सरकंडा में अवैध कबाड़ का जाल बेखौफ : बढ़ती चोरियों से इलाक़े में खौफ, रातों-रात सिंडिकेट से खप रहा चोरी का सामान..

बिलासपुर। शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक बार फिर अवैध कबाड़ कारोबार तेजी से पनप रहा है। क्षेत्र के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में कबाड़ की दुकानें दोबारा संचालित होने लगी हैं। इसके साथ ही चोरी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे कबाड़ कारोबार और आपराधिक गतिविधियों के बीच सीधा संबंध होने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कबाड़ का यह नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा है। चोरी का सामान सीधे कबाड़ दुकानों तक पहुंचाया जाता है और बिना किसी जांच-पड़ताल के खरीद लिया जाता है। यही कारण है कि चोरों के हौसले बुलंद हैं और क्षेत्र में घरों, दुकानों व निर्माण स्थलों से लोहे के सरिए, केबल, मोटर, पाइप और अन्य कीमती सामान की चोरी लगातार बढ़ रही है।

शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं..

क्षेत्र वासियों का आरोप है कि कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं हो पाई। इससे लोगों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक अवैध कबाड़ की खरीद-फरोख्त पर सख्ती नहीं होगी, तब तक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।

रातों-रात सिंडिकेट से खप रहा चोरी का सामान..

जानकारी के मुताबिक, सरकंडा क्षेत्र में छोटे से लेकर बड़े कबाड़ कारोबारियों तक का मजबूत नेटवर्क सक्रिय है। बताया जा रहा है कि कबाड़ से भरी गाड़ियां रातों-रात सिंडिकेट के जरिए बाहर भेजी जाती हैं, ताकि किसी को भनक न लगे। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पूरा तंत्र संगठित तरीके से काम कर रहा है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

कार्रवाई के बाद फिर गुलजार दुकानें..

कुछ महीने पहले प्रशासन द्वारा कुछ कबाड़ दुकानों पर कार्रवाई की गई थी। हालांकि, समय बीतने के बाद वही दुकानें फिर से खुल गईं और कारोबार पहले की तरह शुरू हो गया। कभी-कभार की जाने वाली औपचारिक कार्रवाई से स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हो पा रहा है।इससे कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कबाड़ कारोबार पर व्यापक और निरंतर कार्रवाई की जाए। साथ ही कबाड़ खरीदने-बेचने की प्रक्रिया में सख्त जांच व्यवस्था लागू की जाए, ताकि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।क्षेत्र में बढ़ती वारदातों के बीच अब लोगों की नजर प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है।