

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में एसईसीएल की अमेरा कोल खदान के विस्तार को लेकर बड़ा बवाल हो गया है। खदान के एक्सटेंशन के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे परसोढी गाँव के ग्रामीण अचानक उग्र हो गए और उन्होंने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के इस हमले में एडिशनल एसपी समेत 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। यह घटना लखनपुर थाना क्षेत्र की है।
बताया जा रहा है कि खदान विस्तार के लिए जब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी, तभी परसोढी गाँव के ग्रामीण लाठी, डंडों, गुलेल और कुल्हाड़ी से लैस होकर पुलिस बल पर टूट पड़े और जबरदस्त पथराव किया।
वरिष्ठ अधिकारी घायल, टीआई रेफर..
ग्रामीणों के इस अचानक और उग्र हमले में एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लों, एसडीओपी और धौरपुर थाना प्रभारी अश्वनी सिंह समेत करीब तीस पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। थाना प्रभारी अश्वनी सिंह को ज्यादा चोटें आने के कारण उन्हें तत्काल अंबिकापुर रेफर किया गया है। पुलिसकर्मियों को भागना पड़ा, जिससे अफरा तफरी मच गई और कुछ ग्रामीण भी इस भगदड़ में घायल हुए हैं। स्थिति अनियंत्रित होते देख मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया और हालात को काबू करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों के साथ एडिशनल कलेक्टर भी फोर्स के साथ मौजूद हैं और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इलाके में अभी भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। गरीबों की जमीन पर अमीरों के फायदे के लिए हो रहे इस अधिग्रहण पर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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