भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल : पवन साय को झारखंड की कमान, कर्मवीर सिंह संभालेंगे छत्तीसगढ़..

कई राज्यों में बदले संगठन महामंत्रियों के दायित्व, शिवप्रकाश को पांच राज्यों की जिम्मेदारी; छत्तीसगढ़ में नई संगठनात्मक व्यवस्था पर रहेगी नजर..

नई दिल्ली/रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों में संगठन महामंत्रियों की जिम्मेदारियां बदल दी हैं। इस बदलाव के तहत छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय को झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, झारखंड में संगठन महामंत्री की भूमिका निभा रहे कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से जारी नियुक्ति सूची में विभिन्न राज्यों और संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए नई जिम्मेदारियों की घोषणा की गई है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

देखें आदेश..

भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल में कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। शिवप्रकाश को पांच राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सौदान सिंह को चार राज्यों का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में संगठन महामंत्रियों की नई व्यवस्था बनाई गई है।

छत्तीसगढ़ में पवन साय की जगह कर्मवीर सिंह को जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज पर नजर रहेगी। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद कर्मवीर सिंह के सामने प्रदेश संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद मजबूत करने और संगठन तथा सरकार के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती होगी।

पवन साय को झारखंड भेजा गया, कर्मवीर सिंह छत्तीसगढ़ आएंगे..

भाजपा की नई नियुक्तियों के तहत पवन साय को झारखंड का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनका केंद्र रांची निर्धारित किया गया है। वहीं, झारखंड में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मवीर सिंह अब छत्तीसगढ़ में संगठन महामंत्री के रूप में काम करेंगे। उनका केंद्र रायपुर रहेगा।

संगठन महामंत्री का पद भाजपा में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पद पर रहने वाले नेता प्रदेश संगठन की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, संगठनात्मक कार्यक्रमों और पार्टी की रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में छत्तीसगढ़ में संगठन की जिम्मेदारी संभालने जा रहे कर्मवीर सिंह के कामकाज को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में दिलचस्पी रहेगी। उनके सामने प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की मौजूदा स्थिति और विभिन्न जिलों में पार्टी की गतिविधियों को समझने की जिम्मेदारी होगी।

शिवप्रकाश को पांच राज्यों का दायित्व..

भाजपा ने शिवप्रकाश को आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा का राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) बनाया है। उनका केंद्र मुंबई रहेगा।

वहीं, सौदान सिंह को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। उनका केंद्र भुवनेश्वर निर्धारित किया गया है।

पार्टी ने वी. सतीश को एससी-एसटी मोर्चा और संसदीय कार्यालय का संगठक बनाया है। नागेन्द्र को वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों का केंद्र दिल्ली रहेगा।

अजय जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। सतीश धोंड महाराष्ट्र में प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) के साथ गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में जनजाति संपर्क की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका केंद्र नागपुर रहेगा।

कई राज्यों में नई संगठनात्मक व्यवस्था..

भाजपा की ओर से जारी नियुक्तियों के अनुसार मधुकर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनका केंद्र हैदराबाद रहेगा। दशरथ को तेलंगाना का प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) बनाया गया है और उनका केंद्र वारंगल होगा।

रविंद्र राजू को असम और त्रिपुरा के साथ कार्यालय निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। उनका केंद्र गुवाहाटी रहेगा। भीखूभाई दलसानिया को बिहार का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनका केंद्र पटना होगा।

सिद्धार्थन को हिमाचल प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका केंद्र शिमला रहेगा। रत्नाकर को गुजरात के साथ दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव की जिम्मेदारी दी गई है। उनका केंद्र अहमदाबाद होगा।

अरुण बिन्नाडी को गुजरात का प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनका केंद्र राजकोट रहेगा। फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनका केंद्र देहरादून होगा।

पवन राणा को दिल्ली और हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई है। उनका केंद्र दिल्ली रहेगा। चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनका केंद्र भोपाल होगा।

इसके अलावा मानस मोहंती को ओडिशा, मंत्री श्रीनिवासुलु को पंजाब और चंडीगढ़, धर्मपाल को उत्तर प्रदेश तथा अमिताभ चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। इनके केंद्र क्रमशः भुवनेश्वर, चंडीगढ़, लखनऊ और कोलकाता होंगे।

पार्टी ने अभय गिरी को ब्रज क्षेत्र का संगठक बनाया है। उनका केंद्र आगरा रहेगा। अनंत नारायण मिश्रा को भागलपुर, पूर्णिया और कोसी क्षेत्र का संगठक बनाया गया है। उनका केंद्र पूर्णिया होगा।

केंद्रीय कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित प्रदेश अध्यक्षों और प्रदेश महामंत्रियों (संगठन) को भेजी गई है।

संघ के प्रचारक से भाजपा संगठन की जिम्मेदारी तक कर्मवीर सिंह का सफर..

छत्तीसगढ़ भाजपा के नए प्रदेश महामंत्री (संगठन) कर्मवीर सिंह का संगठनात्मक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में शुरू हुआ। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के निवासी हैं। उनके परिचय के अनुसार, वे वर्तमान हाथरस जिले से जुड़े क्षेत्र के स्वयंसेवक रहे हैं।

वर्ष 1993 में उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली से अपने प्रचारक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने तहसील प्रचारक और नगर प्रचारक के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं।

कर्मवीर सिंह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी और अलीगढ़ महानगर में प्रचारक रहे। इसके बाद उन्होंने मथुरा जिले के जिला प्रचारक के रूप में काम किया। आगे चलकर उन्हें एटा, अलीगढ़ और बरेली विभागों में विभाग प्रचारक की जिम्मेदारी सौंपी गई।

वर्ष 2015 में वे मेरठ प्रांत यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सह प्रांत प्रचारक बने। वर्ष 2019 में उन्होंने ब्रज प्रांत के सह प्रांत प्रचारक के रूप में काम किया।

वर्ष 2020 में कर्मवीर सिंह को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश का प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) बनाया गया। इसके बाद अगस्त 2022 से वे झारखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के रूप में काम कर रहे थे। अब पार्टी ने उन्हें छत्तीसगढ़ संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है।

छत्तीसगढ़ में संगठन के सामने रहेंगी कई चुनौतियां..

छत्तीसगढ़ में संगठन की जिम्मेदारी संभालने के बाद कर्मवीर सिंह के सामने प्रदेश भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की चुनौती होगी। बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाना, संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करना और स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करना उनकी भूमिका के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियां अलग-अलग हो सकती हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी संभालने वाले संगठन महामंत्री के लिए प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करना महत्वपूर्ण होगा।

इसके साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना भी अहम रहेगा। संगठन के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं और कार्यकर्ताओं से मिलने वाले सुझावों को सरकार तक पहुंचाने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है, इस पर भी नजर रहेगी।

मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं पर भी रहेगी निगाह..

भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के संभावित फेरबदल को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हो सकती हैं। हालांकि, जारी नियुक्ति सूची में मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। इसलिए संगठनात्मक फेरबदल को मंत्रिमंडल में बदलाव का सीधा संकेत मानना फिलहाल उचित नहीं होगा।

राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ सकता है कि आने वाले समय में मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका मिलेगा या मौजूदा मंत्रियों में से ही कुछ की जिम्मेदारियां बदली जाएंगी। क्या पहले जिम्मेदारी संभाल चुके नेताओं को फिर से अवसर मिलेगा या मंत्रिमंडल की मौजूदा संरचना बरकरार रहेगी? इन सवालों पर किसी आधिकारिक निर्णय की जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल भाजपा के संगठनात्मक बदलाव का मुख्य केंद्र विभिन्न राज्यों में संगठन की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण है। छत्तीसगढ़ में नई नियुक्ति के बाद कर्मवीर सिंह के कामकाज और संगठन की आगामी गतिविधियों पर ध्यान रहेगा।

नई जिम्मेदारी के साथ नई अपेक्षाएं..

भाजपा के इस फेरबदल ने छत्तीसगढ़ संगठन में नेतृत्व की जिम्मेदारी बदल दी है। पवन साय अब झारखंड में संगठन का काम संभालेंगे, जबकि कर्मवीर सिंह छत्तीसगढ़ में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे।

अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद कर्मवीर सिंह प्रदेश संगठन की प्राथमिकताएं किस तरह तय करते हैं और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं। संगठनात्मक बदलाव के बाद पार्टी की जमीनी गतिविधियों, सरकार के साथ तालमेल और प्रदेश स्तर पर संगठन की कार्यशैली में आने वाले बदलावों पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।