स्क्रीनिंग से लेकर सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन तक एक ही छत के नीचे उपचार की सुविधा, जल्द गांव-कस्बों तक पहुंचेगा मोबाइल स्क्रीनिंग वाहन..

बिलासपुर, 12 सितंबर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते कैंसर के मामलों के बीच अब मरीजों को इलाज के लिए दूसरे महानगरों का रुख करने की जरूरत कम होगी। रायपुर में हाल ही में शुरू किए गए रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट में कैंसर की शुरुआती जांच और स्क्रीनिंग से लेकर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और उपचार के बाद फॉलो-अप तक की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञों ने शनिवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच और शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान को सबसे महत्वपूर्ण बताया।


चिकित्सकों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में राज्य में करीब 30,763 नए कैंसर मामलों का अनुमान था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर करीब 31,553 हो गया। विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए केवल आधुनिक इलाज की सुविधा बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना और बीमारी की शुरुआती पहचान पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
गंभीर लक्षणों का इंतजार न करें..
प्रेस वार्ता में विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का इलाज जितनी शुरुआती अवस्था में शुरू होता है, उसके परिणाम उतने बेहतर होने की संभावना रहती है। लोगों को शरीर में किसी असामान्य गांठ या सूजन, बिना कारण वजन कम होने, असामान्य रक्तस्राव, आंत या मूत्राशय की आदतों में बदलाव तथा लंबे समय तक रहने वाली खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेष रूप से परिवार में कैंसर का इतिहास रखने वाले लोगों, तंबाकू का सेवन करने वालों और अन्य जोखिम वाले लोगों को अपनी उम्र और जोखिम के अनुसार डॉक्टर से स्क्रीनिंग के बारे में सलाह लेने की जरूरत है।
इलाज में तेजी से बदली तकनीक..

रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल के HOD एवं सीनियर मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रवि जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कैंसर के इलाज के तरीके तेजी से बदले हैं। अब कैंसर के प्रकार और उसकी स्टेज के आधार पर मरीज की स्थिति के अनुसार अलग-अलग उपचार विकल्प चुने जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत उसकी शुरुआती पहचान है। गंभीर लक्षण सामने आने का इंतजार करने के बजाय समय पर स्क्रीनिंग और जांच कराना जरूरी है।

क्लिनिकल डायरेक्टर एवं सीनियर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.मौ ए.रॉय ने कहा कि शुरुआती स्टेज में कैंसर की पहचान होने पर इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है और कुछ मामलों में कम व्यापक उपचार की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने नियमित स्क्रीनिंग और शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को गंभीरता से लेने की सलाह दी।
गांव-कस्बों तक पहुंचेगा मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वाहन..
कैंसर की जांच को बड़े शहरों से बाहर समुदायों तक पहुंचाने के लिए रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल जल्द ही समर्पित मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वाहन शुरू करने जा रहा है। यह वाहन छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों और कस्बों तक पहुंचेगा। इसमें मुख्य रूप से ब्रेस्ट कैंसर, ओरल कैंसर सहित अन्य उपयुक्त कैंसर की स्क्रीनिंग और जागरूकता गतिविधियां की जाएंगी।
जिन लोगों में आगे जांच की जरूरत सामने आएगी, उन्हें आवश्यक डायग्नोस्टिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर कैंसर की पहचान को लोगों के और करीब लाना है।
एक ही छत के नीचे कई विशेषज्ञों की सुविधा..
रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की सेवाएं एक साथ उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा न्यूक्लियर मेडिसिन, उन्नत डायग्नोस्टिक और कैंसर स्टेजिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। मरीजों को जरूरत के अनुसार सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और उपचार के बाद फॉलो-अप की सुविधा दी जा रही है।

जटिल मामलों की समीक्षा मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड के माध्यम से की जा सकती है। इसमें विभिन्न कैंसर विशेषज्ञ मरीज की बीमारी के प्रकार, स्टेज और स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर उपचार की रणनीति पर सामूहिक रूप से चर्चा करते हैं।
आधुनिक रेडिएशन तकनीक से सटीक इलाज..
HOD एवं सीनियर रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि रेडिएशन थेरेपी की तकनीक में लगातार सुधार हुआ है। आधुनिक तकनीक से ट्यूमर को अधिक सटीकता से टारगेट करने और आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। जटिल कैंसर मामलों में उपचार की सही योजना और उसे सटीक तरीके से लागू करना महत्वपूर्ण है।
इंस्टीट्यूट में Versa HD Linear Accelerator जैसी आधुनिक रेडिएशन तकनीक उपलब्ध है, जो IGRT, SRS और SBRT जैसी उन्नत तकनीकों को सपोर्ट करती है। इसके साथ AI आधारित PET-CT इमेजिंग और अन्य आधुनिक कैंसर उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
टीकाकरण से भी कैंसर की रोकथाम में मदद..
विशेषज्ञों ने कुछ प्रकार के कैंसर की रोकथाम में टीकाकरण की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि HPV वैक्सीन ऐसे संक्रमणों से बचाव में मदद करती है, जो सर्वाइकल कैंसर सहित कई HPV से जुड़े कैंसर के जोखिम से संबंधित हैं। इसी तरह Hepatitis-B से बचाव के लिए टीकाकरण लिवर कैंसर के एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक से सुरक्षा में मदद कर सकता है। डॉक्टरों ने लोगों को टीकाकरण की जरूरत और उपयुक्त उम्र के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की बात कही।
घर के करीब विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराना उद्देश्य..
रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल, रायपुर के मैनेजिंग एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के मरीजों को बेहतर और आधुनिक कैंसर उपचार उनके घर के करीब उपलब्ध कराना है। कैंसर के इलाज में शुरुआती पहचान, विशेषज्ञों की संयुक्त राय और उपचार के बाद लगातार फॉलो-अप महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चिकित्सकों ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में एक मजबूत कैंसर केयर व्यवस्था विकसित करना है। इसके तहत एक ओर कैंसर के प्रति जागरूकता और स्क्रीनिंग को गांव-कस्बों तक ले जाने पर जोर रहेगा, वहीं दूसरी ओर गंभीर मरीजों को राज्य के भीतर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक जांच और मल्टीडिसिप्लिनरी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में डॉ.मौ ए. राय, डॉ.रवि जायसवाल, डॉ. नवीन जैन, डॉ. रुचिर धाक्कड़, डॉ. गौरव गुप्ता और डॉ. नीरू केरकेट्टा सहित कैंसर विशेषज्ञ मौजूद रहे।







