सीपत के गुड़ी गांव में पुलिस की रेड, 4750 नशीले कैप्सूल-टैबलेट जब्त; कीमत करीब 20 लाख रुपए, सप्लाई चेन तक पहुंचने में जुटी पुलिस..

बिलासपुर, 12 सितंबर। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीपत थाना क्षेत्र के गुड़ी गांव में छापेमारी की। पुलिस ने एक घर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और टैबलेट बरामद कर पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त नशीली दवाओं की संख्या 4750 नग और वजन करीब 2495.64 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 22(सी) और 29 के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई को नशे के कारोबार की सप्लाई चेन तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली दवाएं कहां से लाई गईं और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
मुखबिर की सूचना पर घर में दबिश..
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी दौरान एसीसीयू बिलासपुर को सूचना मिली कि गुड़ी निवासी उग्रसेन लोनिया अपने बेटे मुकेश लोनिया और रिश्तेदार परमेश्वर लोनिया के साथ मिलकर दूसरे राज्य से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और टैबलेट लाकर बिक्री करने की तैयारी में है।
सूचना की पुष्टि के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक तिलेश्वर यादव के नेतृत्व में एसीसीयू और सीपत थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने गुड़ी गांव स्थित उग्रसेन लोनिया के घर पर दबिश दी।
4750 नशीले कैप्सूल-टैबलेट बरामद..
पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान मौके से प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट कुल 4750 नग बरामद किए गए। इनका कुल वजन 2495.64 ग्राम बताया गया है। पुलिस ने जब्त सामग्री की कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास इन दवाओं को रखने या बेचने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज अथवा चिकित्सकीय पर्चा नहीं मिला। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी नशीली दवाओं के मामले में पकड़ा जा चुका है मुकेश..
गिरफ्तार आरोपियों में उग्रसेन लोनिया (60), उसका बेटा मुकेश कुमार लोनिया (30) और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा (20) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी मुकेश लोनिया पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े पुराने और नए कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
सप्लाई चेन और पैसों के लेन-देन की भी जांच..
पुलिस ने इस मामले में जांच को केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा है। अधिकारियों के अनुसार नशीली दवाओं के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। दवाएं किस राज्य या स्थान से लाई गईं, इनके पीछे कौन लोग हैं और इन्हें आगे किन लोगों को बेचा जाना था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन भी की जा रही है। पुलिस नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटाकर उसके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई करेगी।
बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने पर जोर..
पुलिस ने बताया कि अवैध नशीली दवाओं की बिक्री का सबसे गंभीर असर युवाओं और बच्चों पर पड़ सकता है। ऐसे कारोबार पर कार्रवाई का उद्देश्य केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि नशे की उपलब्धता और सप्लाई नेटवर्क को रोकना भी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में सीपत थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, उप निरीक्षक हेमंत आदित्य, शिव सिंह बक्साल सहित पुलिस टीम के जवानों की भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कार्रवाई करने वाली टीम की सराहना की।







