नगर पंचायत अध्यक्ष के चेंबर में गौ रक्षकों से मारपीट का आरोप, एल्डरमेन समेत तीन पर एफआईआर..

शिवरीनारायण में बवाल : बजरंग दल ने थाना घेरा, अध्यक्ष पर संरक्षण देने का गंभीर आरोप..

जांजगीर-चांपा/शिवरीनारायण। शिवरीनारायण नगर पंचायत कार्यालय में गौरक्षकों के साथ कथित गाली-गलौज और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष के चेंबर में हुई इस घटना के बाद बजरंग दल, गौरक्षक संघ और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शिवरीनारायण थाना पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया तथा आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में नगर पंचायत के नव-नियुक्त एल्डरमेन सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना को लेकर नगर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। गौरक्षकों ने नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान वे अपने चेंबर में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया। इसी आधार पर उन पर गौ तस्करी से जुड़े लोगों को संरक्षण देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

बैठक के बहाने बुलाकर अभद्रता का आरोप..

जानकारी के अनुसार 14 जुलाई को कुछ गौरक्षकों ने बिलासपुर रोड स्थित गायत्री मंदिर के पास मवेशी ले जा रहे कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया था।आरोप है कि इसके अगले दिन 15 जुलाई को नगर पंचायत के एल्डरमेन आयुष केडिया ने गौरक्षक सूरज यादव को फोन कर नगर पंचायत कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया। सूरज यादव अपने साथियों गोपाल कश्यप और सूरज केशरवानी के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे।

गौरक्षकों का आरोप है कि अध्यक्ष कक्ष में पहले से नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, एल्डरमेन आयुष केडिया, बुद्धेश्वर केशरवानी और मवेशी ठेकेदार आनंद केडिया मौजूद थे। बातचीत के दौरान मवेशियों से जुड़े मामले को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते गाली-गलौज होने लगी। विरोध करने पर कथित तौर पर मारपीट भी की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान अध्यक्ष राहुल थवाईत मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने विवाद रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।

थाने में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता..

घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल, गौरक्षक संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शिवरीनारायण थाना पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने भाजपा संगठन से भी मांग की कि नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, एल्डरमेन आयुष केडिया, बुद्धेश्वर केशरवानी और आनंद केडिया के खिलाफ संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई की जाए।

तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज..

पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायत के आधार पर आनंद केडिया, बुद्धेश्वर केशरवानी और आयुष केडिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(3), 115(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना जारी है।हालांकि नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत के खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, जिसे लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

एल्डरमेन पर बढ़ते दबंगई के आरोप..

घटना के बाद नगर में नव-नियुक्त एल्डरमेन आयुष केडिया की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पद मिलने के बाद से उनका व्यवहार लगातार विवादों में रहा है और वे अपने प्रभाव का उपयोग कर लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। गौरक्षकों के साथ हुआ विवाद भी इसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है।

गौरक्षक संगठनों का आरोप – तस्करों को मिल रहा संरक्षण..

बजरंग दल और गौरक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यदि नगर पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधि गौ तस्करी के मामलों के प्रति गंभीर होते तो इस प्रकार की घटना नहीं होती। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौरक्षकों को बुलाकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाना कई सवाल खड़े करता है।

संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा नगर पंचायत अध्यक्ष की भूमिका की भी जांच हो।

अध्यक्ष की भूमिका पर उठ रहे सवाल..

घटना के बाद सबसे अधिक चर्चा नगर पंचायत अध्यक्ष की भूमिका को लेकर हो रही है। विरोधी पक्ष का कहना है कि यदि अध्यक्ष के कक्ष में विवाद हुआ तो उनकी जिम्मेदारी बनती थी कि वे तत्काल हस्तक्षेप करते। वहीं अध्यक्ष के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से विभिन्न तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।

सीएमओ ने कहा – घटना के समय कार्यालय में नहीं था..

नगर पंचायत शिवरीनारायण के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) कन्हैया निर्मलकर ने कहा कि घटना के समय वे कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसलिए उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में उनके द्वारा थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

अब पूरे मामले में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं गौरक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।