जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम बोड़सरा स्थित एक शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक और शिक्षिका के कथित आपत्तिजनक आचरण का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुई विभागीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।

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जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले विद्यालय परिसर के भीतर शिक्षक और शिक्षिका के कथित अनुचित व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए।
जांच के दौरान विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए। विभागीय अधिकारियों ने वीडियो की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में दोनों शिक्षकों की पहचान होने तथा आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने दोनों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की।
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि शासकीय सेवकों से उच्च नैतिक मूल्यों, अनुशासन और गरिमामय आचरण की अपेक्षा की जाती है। विद्यालय शिक्षा का केंद्र होता है, जहां विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण किया जाता है। ऐसे में शिक्षकों का व्यवहार विद्यार्थियों और समाज के लिए आदर्श होना चाहिए। विभाग ने माना कि यदि विद्यालय परिसर में इस प्रकार की गतिविधियां होती हैं तो इससे शिक्षा व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है और समाज में गलत संदेश जाता है।
निलंबन आदेश के तहत संबंधित शिक्षक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नवागढ़ तथा शिक्षिका का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अकलतरा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय कर्मचारियों को आचरण नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अनुशासन, मर्यादा और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी शिक्षकों के आचरण से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नियमों के उल्लंघन के मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







