सीएम साय के सख्त तेवर : खाद वितरण में गड़बड़ी पर कोरिया के सहायक आयुक्त सस्पेंड, पानी और स्कूल रिजल्ट पर कलेक्टरों को लगाई क्लास..

रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सौम्य चेहरा तो सबने देखा है, लेकिन गुरुवार को ‘सुशासन तिहार’ के दौरान उनका बेहद सख्त और कड़क प्रशासक वाला रूप सामने आया। सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले के औचक दौरे पर पहुंचे सीएम साय ने शासकीय कामकाज में लापरवाही पर बड़ा एक्शन लेते हुए कोरिया जिले के सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक (सहकारी संस्थाएं) आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन में तीनों जिलों के आला अफसरों की समीक्षा बैठक लेते हुए सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि जनता के काम में कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में सीएम के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और जिला पंचायत सीईओ मौजूद थे।

बैठक में क्यों आया सीएम को गुस्सा?

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएम ने तुरंत सहायक आयुक्त को सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया। सीएम के इस अचानक और सख्त एक्शन से बैठक में मौजूद सभी अधिकारी सकते में आ गए। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूलों के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर भी सीएम ने गहरी नाराजगी जताई।

कलेक्टरों को दो टूक – ‘गड़बड़ी हुई तो सीधे आप होंगे जिम्मेदार’..

मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि :

पेयजल : संकटग्रस्त इलाकों में हर हाल में पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पानी भिजवाएं। अगर पेयजल की कमी की शिकायत मिली तो सीधे कलेक्टर जिम्मेदार माने जाएंगे।

तीनों जिलों के खराब परीक्षा परिणाम पर कड़ी फटकार लगाते हुए सीएम ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र के लिए अभी से बेहतर कार्ययोजना बनाएं। पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि रिजल्ट में सुधार हो सके।

पीएम आवास : प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे हों। अगर निर्माण में गड़बड़ी मिली या हितग्राही को बेवजह परेशान किया गया, तो इसकी जिम्मेदारी भी कलेक्टरों की होगी।

मौसमी बीमारियां बारिश से पहले सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके।

दिखे सीएम के दो रूप : एक तरफ निलंबन, दूसरी तरफ पहनाई चप्पल..

आज के दौरे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के व्यक्तित्व के दो अलग-अलग पहलू देखने को मिले। एक तरफ जहां बंद कमरे की बैठक में उन्होंने लापरवाह अफसरों पर निलंबन की गाज गिराई और सख्त हिदायतें दीं, वहीं दूसरी ओर सूरजपुर के रामपुर गांव में उनका बेहद आत्मीय और सौम्य रूप नजर आया। यहां जनसमस्या निवारण शिविर में सीएम ने न सिर्फ ग्रामीणों की समस्याएं इत्मीनान से सुनीं, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका (चप्पल) भी पहनाई। इसके अलावा उन्होंने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन कराया और उनका नामकरण भी किया।

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सीएम साय का यह दौरा इस बात का स्पष्ट संदेश है कि सरकार जनता से सीधे जुड़ाव और अपनत्व रखती है, लेकिन सिस्टम की लापरवाही पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।