

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 570 करोड़ रुपए के कोल लेवी घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इस महाघोटाले में अब तक कई बड़े नेताओं, नौकरशाहों और कारोबारियों के नाम सामने आ चुके हैं, लेकिन अब जांच की आंच उस शख्स तक पहुंच गई है, जो पर्दे के पीछे रहकर करोड़ों का खेल संभाल रहा था। एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) ने इस घोटाले के ‘किंगपिन’ माने जाने वाले कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर नारायण साहू के खिलाफ विशेष अदालत में पूरक चालान (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) पेश कर दिया है।

ड्राइवर नहीं, ‘कैश कूरियर’ था नारायण..
आम तौर पर एक ड्राइवर का काम सिर्फ गाड़ी चलाना होता है, लेकिन एसीबी-ईओडब्ल्यू की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। एजेंसी के मुताबिक, नारायण साहू महज एक ड्राइवर नहीं था, बल्कि वह इस अवैध कोल लेवी सिंडिकेट का एक बेहद सक्रिय और भरोसेमंद सदस्य था।
चार्जशीट के अनुसार, मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के सीधे निर्देश पर नारायण कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों के पास जाता था और उनसे नकद (कैश) के रूप में अवैध लेवी वसूलता था। इसके बाद वह इस ‘काली कमाई’ को सूर्यकांत के भाई रजनीकांत तिवारी और सिंडिकेट के अन्य सफेदपोश चेहरों तक सुरक्षित पहुंचाने का काम करता था। एक तरह से वह इस पूरे नेक्सस का मुख्य ‘कैश कूरियर’ था।
अब तक पेश हो चुके हैं 6 चालान..
इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी फंदा लगातार कसता जा रहा है। नारायण साहू के खिलाफ पेश किया गया यह चालान इस मामले का पांचवां पूरक चालान है। इससे पहले जांच एजेंसी एक मूल चालान और चार पूरक चालान कोर्ट में पेश कर चुकी है। करोड़ों की हेराफेरी का राजदार नारायण साहू इन दिनों रायपुर की सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे है।
क्या है 570 करोड़ का यह महाघोटाला ?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB-EOW की जांच में यह खुलासा हुआ था कि प्रदेश में कोयले के परिवहन पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध लेवी (वसूली) लगाई गई थी। इस वसूली को अंजाम देने के लिए बाकायदा सरकारी सिस्टम से छेड़छाड़ की गई और ऑनलाइन परमिट व्यवस्था को जानबूझकर ऑफलाइन कर दिया गया। ऑफलाइन सिस्टम के जरिए हर ट्रक से मैनुअल तरीके से नकद वसूली की गई। एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे सिंडिकेट ने करीब 570 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध उगाही की है। अब नारायण साहू पर पेश हुई इस चार्जशीट से आने वाले दिनों में कुछ और बड़े राज फाश होने की उम्मीद है।



