बिलासपुर में खनिज माफियाओं पर कलेक्टर की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : 2 पोकलेन, 1 जेसीबी सहित 20 गाड़ियां जब्त, कार्रवाई के डर से बीच सड़क पर ट्रक छोड़ भागा ड्राइवर..

बिलासपुर । जिले में अवैध रेत, मुरूम और अन्य खनिजों की लूट मचाने वाले माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के सख्त तेवर के बाद खनिज विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में है। पिछले 13 दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे सघन जांच अभियान ने खनिज माफियाओं की कमर तोड़ कर रख दी है। प्रशासन का खौफ इस कदर है कि कार्रवाई के डर से ड्राइवर गाड़ियां बीच सड़क पर ही छोड़कर भागने लगे हैं।

सड़क पर हाइवा छोड़कर भागा ड्राइवर, मालिक पर FIR..

कार्रवाई का सबसे नाटकीय घटनाक्रम सीपत क्षेत्र के ग्राम महमंद में देखने को मिला। उप संचालक (खनिज) किशोर गोलघाटे के मार्गदर्शन में जब टीम यहां चेकिंग कर रही थी, तभी बिना वैध पास के रेत ले जाते दो हाइवा टीम के हत्थे चढ़े। एक हाइवा को तो टीम ने तुरंत जांच चौकी लावर भिजवा दिया, लेकिन दूसरे वाहन का ड्राइवर इतना घबरा गया कि वह बीच सड़क पर ही अपना भारी-भरकम हाइवा छोड़कर चाबी लेकर रफूचक्कर हो गया। खनिज विभाग ने जब वाहन मालिक को तलब किया, तो उसने भी पेश होने की जहमत नहीं उठाई। प्रशासन ने इस हेकड़ी का करारा जवाब देते हुए संबंधित वाहन स्वामी के खिलाफ सीधे तोरवा थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। अब पुलिस इस मामले में कानूनी चाबुक चला रही है।

13 दिनों का महाअभियान : 20 वाहन और 3 भारी मशीनें जब्त..

खनिज विभाग के अमले ने 7 मई से 20 मई 2026 तक चकरभाठा, बोदरी, सकरी, बेलगहना, रतनखण्डी, महमंद, लालखदान, मस्तूरी और लखराम सहित पूरे जिले में जाल बिछाकर ताबड़तोड़ छापे मारे। इस दौरान अवैध रेत परिवहन के 14, मुरूम के 1, चूनापत्थर के 2 और मिट्टी-ईंट के 3 प्रकरण दर्ज किए गए।

सड़कों पर अवैध तरीके से खनिज दौड़ा रहे 12 हाइवा, 7 ट्रैक्टर और 1 माजदा वाहन को जब्त कर सकरी, चकरभाठा, कोटा और सरकण्डा थानों में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। वहीं, स्वीकृत क्षेत्र से बाहर अवैध माइनिंग करते हुए ग्राम सोढ़खुर्द और करहीकछार से 2 पोकलेन मशीनें तथा चौरमट्टी क्षेत्र से 1 जेसीबी मशीन को जब्त कर माफियाओं को बड़ा आर्थिक झटका दिया गया है।

टास्क फोर्स का एक्शन रहेगा जारी..

इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में खनिज संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दिन-रात निगरानी की जाए और दोषियों पर बेखौफ कार्रवाई हो।