सुशासन पर भारी भ्रष्टाचार का डामर : 1.40 करोड़ की सड़क पापड़ की तरह हाथों से उखड़ी, सचिव के निर्देश के बाद भी PWD अफसरों ने साधी चुप्पी..

बिलासपुर । जिले के मस्तूरी ब्लॉक में सिस्टम की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ‘सुशासन तिहार’ के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। आमाकोनी से बहतरा तक 1 करोड़ 40 लाख रुपए की भारी-भरकम लागत से बनी डामरीकृत सड़क महज हफ्ते-दस दिन में ही हाथों से पापड़ की तरह उखड़ने लगी है। इस भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल होते ही राजधानी रायपुर तक हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव और आईएएस मुकेश कुमार बंसल ने बिलासपुर के चीफ इंजीनियर (CE) को तत्काल जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं, लेकिन स्थानीय अफसर अब भी मामले पर पर्दा डालने में जुटे हैं।

जांच के नाम पर लीपापोती और ठेकेदार का बचाव..

वायरल वीडियो से किरकिरी होने के बाद PWD के एसडीओ आनन-फानन में अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन वहां उनका रुख भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के बजाय ठेकेदार को बचाने वाला नजर आया। अफसरों ने इसे मामूली बात बताते हुए कह दिया कि “थोड़ी-बहुत गड़बड़ी होगी, सुधार करा देंगे।” हद तो तब हो गई जब ठेकेदार ने ही कुछ लोगों पर पैसे मांगने का उल्टा आरोप लगा दिया। सचिव के दखल के बाद जब टीम दोबारा सैंपल लेने पहुंची तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अफसरों पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। विरोध के बीच टीम जैसे-तैसे सैंपल लेकर तो लौटी, लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट का अब तक कोई अता-पता नहीं है।

साहब ‘नॉट रिचेबल’, जनता किससे करे शिकायत?

इस पूरे खेल में सबसे निराशाजनक रवैया PWD के कार्यपालन अभियंता (EE) सीएस विंध्यराज का है। जब मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उनसे मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना ही मुनासिब नहीं समझा।

डिजिटल युग में जहां सरकार पारदर्शिता की बात करती है, वहां जिम्मेदार अफसरों का फोन न उठाना कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जनता आखिर अपनी शिकायत लेकर जाए तो किसके पास?

एक तरफ सरकार गुणवत्ता का रट्टा लगा रही है, दूसरी तरफ 1.40 करोड़ की सड़क जमीन पर भुरभुरी साबित हो रही है। बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में ठेकेदार पर एफआईआर होगी, या सैंपल जांच की आड़ में भ्रष्टाचार की इस फाइल पर भी डामर पोत दिया जाएगा?