बारनवापारा में लौटी जिंदगी : काले हिरणों की आबादी पहुंची करीब 200, सूना जंगल फिर बना आबाद..

बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ का बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक बड़ी और प्रेरणादायक सफलता की कहानी लिख रहा है। करीब 245 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में कभी काले हिरण पूरी तरह खत्म हो चुके थे, लेकिन आज इनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच गई है।

एक समय अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काला हिरण इस क्षेत्र से लगभग विलुप्त हो गए थे। वर्षों तक यह इलाका इनके बिना सूना रहा, लेकिन वर्ष 2018 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की मंजूरी के बाद इन्हें दोबारा बसाने की योजना शुरू की गई, जिसने अब ठोस सफलता हासिल की है।

इस उपलब्धि का उल्लेख प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में भी किया गया, जिससे इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

शुरुआती चरण में इस पुनर्स्थापन अभियान को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कुछ काले हिरणों की बीमारी से मौत भी हुई, लेकिन वन विभाग ने समय रहते प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए। बेहतर आवास निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छता और नियमित पशु चिकित्सा निगरानी ने स्थिति को धीरे-धीरे स्थिर किया।

लगातार संरक्षण और निगरानी के चलते काले हिरणों की संख्या पहले स्थिर हुई और फिर बढ़ने लगी। आज अभयारण्य के खुले घास के मैदानों में इनके झुंड आसानी से देखे जा सकते हैं, जो इस बात का संकेत है कि यह प्रजाति अब यहां के वातावरण में सफलतापूर्वक स्थापित हो चुकी है।

संरक्षण की बड़ी सफलता..

पीसीसीएफ (वन्यप्राणी) अरुण पांडेय ने इस उपलब्धि को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि बारनवापारा में काले हिरणों की बढ़ती संख्या यह साबित करती है कि वैज्ञानिक तरीके से किया गया संरक्षण कार्य लंबे समय में सफल परिणाम देता है।

उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की प्राथमिकता अब इस आबादी को और मजबूत करना है, ताकि भविष्य में इन्हें सुरक्षित तरीके से उनके प्राकृतिक खुले आवासों में और व्यापक स्तर पर पुनर्स्थापित किया जा सके। इसके लिए लगातार निगरानी और संरक्षण कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

यह पूरी सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि योजनाबद्ध, वैज्ञानिक और निरंतर प्रयास किए जाएं, तो वर्षों पहले विलुप्त हो चुकी प्रजातियां भी अपने प्राकृतिक घर में दोबारा लौट सकती हैं।