‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ : काले हिरण संरक्षण की प्रधानमंत्री ने की सराहना..

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण कार्यों का उल्लेख होने से प्रदेश में उत्साह का माहौल देखा गया। रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रूप से कार्यक्रम का श्रवण किया।

राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित विनायक सिटी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना। प्रसारण के बाद मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ में काले हिरणों के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों की सराहना किया जाना पूरे राज्य के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण मॉडल की राष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ देशवासियों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसमें प्रधानमंत्री हर महीने समाज के प्रेरणादायक कार्यों और नवाचारों को सामने लाते हैं। उन्होंने बांस को ‘घास’ की श्रेणी में रखने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिलेगा और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के कालीपुर गांव में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ कार्यक्रम सुना। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ समाज के सकारात्मक प्रयासों को पहचान दिलाने वाला मंच है, जो लोगों को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।

इसी तरह केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और विधायक धरमलाल कौशिक ने बिल्हा क्षेत्र के सरगांव में कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम का श्रवण किया।

कार्यक्रम के बाद भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में भी आत्मीयता और एकजुटता का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं कार्यकर्ताओं को भजिया और टमाटर की चटनी परोसी और सभी के साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन जैसे फरा, धुसका-बड़ा, ठेठरी और खुरमी भी परोसे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन संगठन में भाईचारा बढ़ाते हैं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करते हैं।

वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री द्वारा काले हिरण संरक्षण कार्यों के उल्लेख को ऐतिहासिक बताया।उन्होंने कहा कि राज्य में जनभागीदारी, सतत निगरानी और आधुनिक तकनीक के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण को मजबूती दी जा रही है। साथ ही, बांस आधारित आजीविका और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में मिली यह सराहना छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा का स्रोत है और इससे प्रदेश पर्यावरण संरक्षण व सतत विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा।