

बिलासपुर,बेलगहना। समाज में खुद को शरीफ मैकेनिक बताने वाला समीर चुपके से सट्टे का कारोबार चलाकर लोगों की जेबें ढीली कर रहा था। बेलगहना पुलिस ने पंडरापथरा गांव में घेराबंदी कर मो. समीर अंसारी को सट्टा खिलाते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने नगदी समेत मोबाइल और सट्टा पट्टी जब्त की है।
शहर और गांवों में अवैध धंधे करने वाले अब नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। बेलगहना के पंडरापथरा में रहने वाला 35 वर्षीय समीर अंसारी पिछले कई सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। वह लोगों की नजरों में खुद को मोटरसाइकिल मैकेनिक बताता था ताकि किसी को शक न हो लेकिन असल में वह सट्टे की पर्चियां काट रहा था। मुखबिर की सटीक सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर टीम ने छापेमारी की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में बेलगहना पुलिस ने आरोपी को तब दबोचा जब वह मोबाइल के जरिए अंकों का मायाजाल बुन रहा था।
चौकी प्रभारी हेमंत सिंह ने बताया कि समीर अंसारी के पास से करीब 19500 रुपये के हिसाब वाली 5 नग सट्टा पट्टी, एक पेन और सट्टे की कमाई के 4120 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। कुल 14120 रुपये का सामान जब्त कर पुलिस ने उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 क और बीएनएसएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पकड़ा गया आरोपी इतना शातिर था कि उसने अपनी दुकान को ही सट्टे का अड्डा बना रखा था। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के सटोरियों में हड़कंप मच गया है। इस पूरी कार्रवाई में हेमंत सिंह, भरतलाल राठौर, ईश्वर नेताम और धीरज जायसवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि समीर के इस सट्टा नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।




