

बिलासपुर। वन विभाग की टीम ने जंगली सुअर के शिकार और मांस पकाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

डीएफओ नीरज कुमार के निर्देश और उपवनमंडल अधिकारी कोटा अनिल भास्करन के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी बेलगहना देव सिंह मरावी के नेतृत्व में टेंगनमाड़ा की टीम को 31 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अट्टडा गांव में जंगली सुअर का मांस पकाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां पका हुआ मांस बरामद किया गया। इसके साथ ही मांस काटने और पकाने में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें एक-एक कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने वन अपराध करना स्वीकार किया।
वन विभाग ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण क्रमांक 11386/25 दिनांक 1 अप्रैल 2026 को दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में रूपलाल (29 वर्ष), नितिन (19 वर्ष), संदीप (20 वर्ष), गोविंद (54 वर्ष) और रामकुमार (51 वर्ष) शामिल हैं, जो सभी अट्टडा गांव के निवासी हैं।
कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बिलासपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई में वन विभाग टेंगनमाड़ा के परिक्षेत्र सहायक सूरज मिश्रा सहित बेलगहना और केंदा क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारियों शिवकुमार पैकरा, प्रमोद मिश्रा (बीएफओ), शक्ति यादव, कान्हा वर्मा, सुकृता कस्तूरिया, पंकज कुमार साहू, सोमप्रकाश जयसिन्धु, वन चौकीदार नंदकुमार यादव, गुलशन कैवर्त और संतोष यादव का विशेष योगदान रहा।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्य जीवों के शिकार और अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



