विश्व जल दिवस पर अनूठी पहल : उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 10 दिनों में 250 ‘झिरिया’ का निर्माण, 1500 का लक्ष्य..

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर एक सराहनीय और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनूठी पहल की गई है। डी.एफ.ओ. वरुण जैन के नेतृत्व में श्रमदान के माध्यम से महज 10 दिनों के भीतर 250 ‘झिरिया’ (छोटे जल स्रोत) का निर्माण किया गया है। विभाग का लक्ष्य पूरे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कुल 1500 झिरिया तैयार करना है।

इस अभियान के तहत रिजर्व के सभी 143 बीटों में कम से कम 10-10 झिरिया बनाने की योजना बनाई गई है। इन झिरियों का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम में जंगल में रहने वाले वन्य प्राणियों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें पानी की तलाश में जंगल से बाहर न आना पड़े।

वन विभाग का मानना है कि इस पहल से मानव और वन्यप्राणियों के बीच होने वाले संघर्ष (मानव-वन्यप्राणी द्वंद) में भी काफी हद तक कमी आएगी। गर्मी के दौरान जल स्रोतों के सूख जाने पर जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं, जिससे टकराव की स्थिति बनती है। ऐसे में जंगल के भीतर ही पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने से इस समस्या का समाधान संभव है।

स्थानीय स्तर पर वन अमले और ग्रामीणों की भागीदारी से यह कार्य तेजी से किया जा रहा है, जो सामूहिक प्रयास और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पहल न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बन रही है।

वन विभाग ने विश्वास जताया है कि तय लक्ष्य के अनुसार जल्द ही 1500 झिरिया का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, जिससे आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में वन्य प्राणियों को राहत मिल सकेगी।