

नक्सल मुक्त होने के बाद पहली बार रिजर्व के सभी 143 बीट्स में हुआ टाइगर सेंसस, पहले केवल 60–70% क्षेत्र में ही हो पाता था सर्वे..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघों की मौजूदगी को लेकर उत्साहजनक संकेत सामने आ रहे हैं। ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन (AITE) 2026 के दौरान लगाए गए कैमरा ट्रैप में लगातार बाघों की तस्वीरें कैप्चर हो रही हैं। इससे वन विभाग को उम्मीद है कि रिजर्व क्षेत्र में बाघों की गतिविधियां पहले की तुलना में बढ़ी हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार टाइगर सेंसस कई मायनों में खास रहा है। क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बाद पहली बार पूरे टाइगर रिजर्व के सभी 143 बीट्स में सर्वेक्षण कराया गया है। इससे पहले सुरक्षा कारणों की वजह से वन विभाग केवल 60 से 70 प्रतिशत क्षेत्र में ही सर्वे कर पाता था।

कैमरा ट्रैप और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से किए जा रहे इस सर्वे में लगातार मिल रही तस्वीरें यह संकेत दे रही हैं कि जंगल में बाघों की आवाजाही बनी हुई है। वन विभाग के कर्मचारियों ने अलग-अलग बीट्स में कैमरे लगाए हैं, जिनमें कई जगहों पर बाघों की स्पष्ट तस्वीरें सामने आई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में पहली बार व्यापक स्तर पर सर्वे होने से रिजर्व में वन्यजीवों की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। साथ ही बाघ संरक्षण की रणनीति बनाने में भी यह जानकारी महत्वपूर्ण साबित होगी।
वन विभाग को उम्मीद है कि इस बार के ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन के नतीजों से उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघों की स्थिति को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आ सकती है।



