बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार का रास्ता साफ 290 एकड़ जमीन मिली अब रात में भी उतर सकेंगे बड़े विमान..

बिलासपुर। अब वह दिन दूर नहीं जब बिलासपुर के चकरभाटा एयरपोर्ट से बड़ी-बड़ी विमाने उड़ान भरेंगी। बिलासपुर के चकरभाठा एयरपोर्ट को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलने वाली हैं। लंबे समय से अटकी 290.80 एकड़ जमीन को सेना ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए देने पर अपनी सहमति दी है। केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद तोखन साहू की कोशिशों के बाद रक्षा मंत्रालय ने इस जमीन के हस्तांतरण को हरी झंडी दे दी है। और अब बिलासपुर एयरपोर्ट को 4-C श्रेणी का दर्जा मिल गया है अब यहां बड़े कमर्शियल विमानों के उतरने सहित रात में लैंडिंग की सुविधा शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

मंत्री तोखन साहू के मिशन एयरपोर्ट को मिली बड़ी कामयाबी..

बिलासपुर के हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू लगातार दिल्ली में पत्राचार और मुलाकातें कर रहे थे। उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए जरूरी जमीन मिलने के साथ ही विस्तार कार्यों के लिए 50.60 करोड़ रुपए की राशि भी मंजूर हो गई है। वहीं राज्य सरकार ने भी जमीन के बदले दी जाने वाली जरूरी रकम पहले से ही जमा कर दी थी। इस जमीन के मिलने के बाद अब एयरपोर्ट का रनवे का विस्तार किया जाएगा और यात्रियों के लिए नया टर्मिनल भवन भी बनाया जाएगा।

फरवरी मार्च से रात में भी भर सकेंगे उड़ान..

एयरपोर्ट प्रबंधन और जानकारों का कहना है कि नाइट लैंडिंग की सुविधा मिलने के बाद फरवरी या मार्च के महीने से यहां रात में भी विमानों का आना-जाना शुरू हो सकता है। अब तक रनवे छोटा होने और रोशनी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण सिर्फ दिन में ही छोटे विमानों का संचालन हो पाता था। 4-C श्रेणी की मंजूरी मिलने के बाद अब यहां बड़े यात्री विमान आसानी से उतर सकेंगे जिससे बिलासपुर से दूसरे बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होंगी।

सांसद ने राजनाथ सिंह और सीएम साय का जताया आभार..

इस बड़ी सफलता पर खुशी जताते हुए तोखन साहू ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना की जमीन देने में बहुत तेजी से मदद की। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया और राशि जारी करने में देरी नहीं की। साथ ही नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी बिलासपुर की मांग को प्राथमिकता देते हुए तकनीकी मंजूरी प्रदान की।

क्या होगा फायदा..

अब बिलासपुर संभाग में निवेश और कारोबार के नए रास्ते खुलेंगे। बड़े विमान चलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बिलासपुर अब सीधे तौर पर देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों से जुड़ सकेगा जिससे छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।