ई केवाईसी में तकनीकी खामी : पांच के बाद सत्यापन पर हितग्राहियों को तीसरे महीने मिल रहा राशन..

बिलासपुर। जिले में राशन कार्ड धारियों के लिए अनिवार्य किया गया ई केवाईसी फिलहाल बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। महीने की पांच तारीख के बाद अपना सत्यापन कराने वाले हितग्राहियों को उनके हिस्से का राशन अगले महीने के बजाय सीधे तीसरे महीने दिया जा रहा है। सर्वर की इस तकनीकी व्यवस्था और आवंटन प्रक्रिया में खामी के कारण जिले के हजारों गरीब परिवार खाद्यान्न के लिए भटकने को मजबूर हैं।

खाद्य विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर जिले में अब तक एक लाख पैंतालीस हजार राशन कार्ड धारियों का ई केवाईसी लंबित है। इन लंबित कार्डों में करीब दो लाख आठ हजार सात सौ पचास सदस्यों के नाम दर्ज हैं। समय पर राशन नहीं मिलने से परेशान लोग हर दिन बड़ी संख्या में शिकायत लेकर सीधे खाद्य विभाग के दफ्तर पहुंच रहे हैं। वहां मौजूद अधिकारी उन्हें केवल समझाइश देकर वापस लौटा रहे हैं।

अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को यह निर्देश दिया जा रहा है कि वे अपनी संबंधित उचित मूल्य की दुकान पर जाकर ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराएं। इसके अलावा घर बैठे मेरा ई केवाईसी मोबाइल एप के माध्यम से भी सत्यापन की सुविधा बताई जा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर हितग्राहियों की शिकायत है कि यह सरकारी एप सर्वर डाउन होने के कारण ठीक से काम ही नहीं कर रहा है जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो गई है।

सबसे बड़ा विवाद पांच तारीख की समय सीमा को लेकर है। सिस्टम में ऐसी व्यवस्था है कि यदि कोई व्यक्ति पांच तारीख के बाद ई केवाईसी पूरी करता है तो उसे अगले महीने के राशन आवंटन सूची से बाहर कर दिया जाता है। कार्ड धारियों की स्पष्ट मांग है कि यदि ई केवाईसी वाले वर्तमान महीने में राशन देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है तो कम से कम उसके ठीक अगले महीने का खाद्यान्न तो अनिवार्य रूप से मिलना ही चाहिए।

इस बढ़ती समस्या और लोगों की नाराजगी पर बिलासपुर के खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि पूर्व में दो महीने का चावल एक साथ वितरित किया जा रहा था जिसके कारण यह पुरानी व्यवस्था लागू थी। खाद्य नियंत्रक ने आश्वासन दिया है कि मार्च महीने से इस पूरी वितरण प्रणाली में बदलाव किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई कार्ड धारी पांच तारीख के बाद भी अपना ई केवाईसी करवाता है तो उसे अब तीसरे महीने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।