

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में हालिया लूटकांड की जांच ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पुलिस जांच में ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे क्षेत्र की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नगर वसंत विहार स्थित एक ज्वेलर्स संचालक पर हुए जानलेवा हमले और लूटकांड की जांच के दौरान पुलिस को एक बड़ी साजिश का पता चला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बिलासा गुड़ी में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि गिरफ्तार गिरोह केवल लूटपाट ही नहीं, बल्कि शहर के चर्चित सब्जी कारोबारी और नगर निगम के भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की कथित सुपारी किलिंग की साजिश में भी शामिल था।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 25 लाख रुपये में हत्या की सुपारी लेने की बात स्वीकार की है, जिसमें 6 लाख रुपये एडवांस के रूप में दिए गए थे। इस मामले में भाजपा के बेलतरा पूर्वी मंडल अध्यक्ष राजू सोनकर का नाम सामने आया है, जो बिलासपुर जिले के विधायक के करीबी माने जाते हैं।
सियासत में उबाल, विपक्ष ने मांगा जवाब..
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के मंडल अध्यक्ष का नाम हत्या की साजिश में सामने आता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था का सवाल बन जाता है।
उन्होंने पूछा कि अपराध पर चुप्पी क्यों साधी जा रही है? क्या नेतृत्व इस मामले में स्पष्ट जवाब देगा? यदि मंडल अध्यक्ष जैसे पद पर बैठे व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगते हैं, तो उनकी नियुक्ति और संरक्षण को लेकर भी जांच होनी चाहिए।
जनता में चिंता, व्यापारियों में दहशत..
घटना के बाद क्षेत्र में भय और असमंजस का माहौल है। व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर वोट देने वाली जनता आज कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित है।
जब सत्ता से जुड़े लोगों के नाम गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आते हैं, तो जनता का विश्वास कमजोर होता है। ऐसे में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग और तेज हो गई है।
निष्पक्ष जांच की मांग..
फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की इस घटना ने साफ कर दिया है कि अपराध और राजनीति के संभावित गठजोड़ पर कठोर कार्रवाई और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि जनता का भरोसा कायम रह सके और क्षेत्र की छवि पर लगे दाग को मिटाया जा सके।



