

बिलासपुर। गर्मी के बढ़ते असर और भीषण तापमान को देखते हुए कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन प्रबंधन ने अपने वन्यप्राणियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इस कदम का उद्देश्य सिर्फ उनके जीवन को सुरक्षित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें प्राकृतिक माहौल के करीब रखकर तनावमुक्त और स्वस्थ बनाए रखना भी है।


जू में मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के जानवरों के बाड़ों और नाईट शेल्टरों में ग्रीन नेट और बांस की चटाइयों से छायादार शेड बनाए गए हैं। इन शेडों के जरिए जानवरों को सीधे धूप से बचाया जा रहा है। साथ ही, कूलर, एग्जॉस्ट फैन और वाटर स्प्रिंकलर (वॉटर गन) जैसी आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिससे गर्मी का असर कम हो और वातावरण ठंडा बना रहे।
पक्षियों के पिंजरों में भी विशेष ध्यान रखा गया है। उनके केज में खस की चटाइयां बिछाई गई हैं और नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे तापमान नियंत्रित रहे और पक्षियों को गर्मी से राहत मिल सके। इस प्रक्रिया से पक्षियों के स्वास्थ्य और उनके प्राकृतिक व्यवहार में भी सुधार देखा जा रहा है।

सांपों के लिए बनाए गए केज में प्राकृतिक वातावरण बनाए रखने के लिए घास की बुवाई की गई है। इससे तापमान संतुलित रहता है और सांपों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है। वन्यप्राणियों के लिए ये प्राकृतिक परिस्थितियां उनकी जीवनशैली को प्रभावित किए बिना उन्हें सुरक्षित रखने में मदद करती हैं।

जू प्रबंधन का कहना है कि गर्मियों में वन्यप्राणियों को सुरक्षित रखना केवल सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति को बनाए रखना भी अत्यंत आवश्यक है। इसलिए, प्रशासन लगातार उनके बाड़ों और शेल्टरों की निगरानी कर रहा है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त उपाय भी किए जा रहे हैं।

इस प्रयास से यह संदेश जाता है कि जंगल और जूलॉजिकल पार्क में रह रहे वन्यप्राणी केवल देखने के लिए नहीं हैं, बल्कि उनके जीवन और कल्याण की सुरक्षा भी समाज की जिम्मेदारी है। इन व्यवस्थाओं के जरिए जू में रहने वाले वन्यजीवों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है और उनका स्वास्थ्य बेहतर बना हुआ है।

इस पहल को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो कि पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता फैलाने में भी मदद करेगा।



