

बिलासपुर। जिले में सरकारी खजाने में पैसा जमा करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह से बदल गई है। 1 अप्रैल 2026 से बिलासपुर जिले में पुरानी मैन्युअल (कागजी) चालान व्यवस्था को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब ‘ई-कोष पोर्टल’ के जरिए ओटीसी (ओवर द काउंटर) ई-चालान व्यवस्था लागू हो गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को लाइन में लगने की परेशानी से बचाना और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना है।

क्या है नई डिजिटल व्यवस्था?
अब किसी भी सरकारी काम का पैसा जमा करने के लिए लोगों को बैंक में जाकर हाथ से चालान फॉर्म भरने की कोई जरूरत नहीं होगी। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी ने बताया कि राजस्व प्राप्तियों (सरकारी कमाई) को आसान और डिजिटल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब सभी तरह के चालान केवल ई-कोष पोर्टल से ऑनलाइन ही बनाए जाएंगे। जमाकर्ता घर बैठे या किसी भी चॉइस सेंटर से ऑनलाइन चालान बना सकते हैं। इसके बाद उस चालान का प्रिंट निकालकर संबंधित बैंक में जाना होगा और अपनी रकम जमा करनी होगी। पैसा जमा करते ही इसकी जानकारी तुरंत सरकारी सिस्टम में दर्ज हो जाएगी।
7 दिन के अंदर जमा करना होगा पैसा..
इस नई ई-चालान व्यवस्था के कुछ जरूरी नियम बनाए गए हैं :
रेफरेंस नंबर (TRN) : ऑनलाइन चालान बनाते ही एक रेफरेंस नंबर मिलेगा। इस नंबर की मदद से आम लोग अपने चालान का स्टेटस आसानी से ट्रैक कर सकेंगे।
समय सीमा : चालान ऑनलाइन जनरेट होने के 7 दिन के भीतर बैंक में पैसा जमा करना अनिवार्य है। अगर 7 दिन तक पैसा जमा नहीं हुआ, तो वह चालान अपने आप रद्द (कैंसल) हो जाएगा।
एक साथ 5 काम : एक ही चालान के जरिए जमाकर्ता अधिकतम 5 अलग-अलग हेड (मद) का पैसा एक साथ जमा कर सकते हैं।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
प्रक्रिया को बहुत आसान रखा गया है। पैसे जमा करने वाले व्यक्ति को ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद किस काम के लिए पैसा दे रहे हैं (हेड ऑफ अकाउंट) और कितनी रकम है, यह जानकारी भरनी होगी। इसके बाद ‘ओटीसी’ विकल्प को चुनकर चालान जनरेट करना होगा।
दिक्कत आए तो यहां करें संपर्क..
इस बदलाव से मैन्युअल गलतियों में कमी आएगी, समय की भारी बचत होगी और सरकार को रियल-टाइम डेटा मिल सकेगा। आम नागरिकों की सुविधा के लिए बैंकों और जिला कोषालय कार्यालय में बैनर और पोस्टर लगाकर पूरी प्रक्रिया समझाई गई है। इसके बावजूद, अगर किसी नागरिक को ऑनलाइन चालान बनाने में कोई तकनीकी परेशानी आती है, तो वह वर्किंग डेज (कार्यालयीन समय) में बिलासपुर के जिला कोषालय कार्यालय से मदद ले सकता है।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों, अधिकारियों और आम जनता से अपील की है कि वे इस नई और सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।



