रामनवमी पर 2 एकड़ भूमि गौ सेवा को समर्पित, रामावतार अग्रवाल का प्रेरणादायक महादान..

बिलासपुर। “सेवा ही धर्म है” की भावना को साकार करते हुए शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी रामावतार अग्रवाल (रामू भैया) ने रामनवमी के पावन अवसर पर अपनी लगभग 2 एकड़ की निजी भूमि गौ सेवा के लिए समर्पित कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। शहर के मध्य स्थित बिलासा चौक, शनिचरी रपटा के समीप यह कीमती भूमि “बिलासपुर गौ सेवा धाम” को सौंपी गई है, जहां पिछले लगभग 25 वर्षों से घायल और बीमार गौ माता एवं नंदी बैलों की निःस्वार्थ सेवा की जा रही है।

रामावतार अग्रवाल, स्वर्गीय जगमोहन अग्रवाल के सुपुत्र हैं, जो चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं अग्रवाल सभा के अध्यक्ष रह चुके थे। अपने सरल, मिलनसार और सेवाभावी व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले रामू भैया ने बिना किसी औपचारिक आयोजन के, सादगीपूर्वक गौसेवकों के साथ पूजा-अर्चना कर इस भूमि को सेवा कार्य हेतु समर्पित किया।

संघर्ष के बाद मिला स्थायी समाधान..

गौ सेवा धाम समिति लंबे समय से भूमि की कमी से जूझ रही थी।घायल और बीमार पशुओं के उपचार एवं देखरेख के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण समिति को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए समिति के सदस्यों ने शासन-प्रशासन से लगातार निवेदन किया, यहां तक कि बिलासपुर से रायपुर और दिल्ली तक पदयात्रा कर भूमि आवंटन की मांग भी उठाई।

इसी बीच रामावतार अग्रवाल द्वारा स्वयं आगे बढ़कर अपनी निजी भूमि गौ सेवा के लिए देने की घोषणा ने समिति के वर्षों पुराने संघर्ष को समाप्त कर दिया। इस निर्णय से समिति के सदस्यों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ और उनका सपना साकार हो सका।

निरंतर सामाजिक सेवा में अग्रणी..

रामू भैया केवल गौ सेवा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वर्षों से पंडित देवकीनंदन दीक्षित मुक्तिधाम, सरकंडा का संचालन एवं संधारण भी अपने निजी खर्च से निःशुल्क कर रहे हैं। इसके अलावा वे कई ऐसे सामाजिक कार्यों में सहयोग करते हैं, जिनकी जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने भी नहीं आती।

समाज के लिए प्रेरणा..

रामावतार अग्रवाल का यह योगदान समाज को यह संदेश देता है कि जीवन में सेवा और परोपकार ही सच्ची पूंजी है। मनुष्य इस संसार से कुछ साथ लेकर नहीं जाता, बल्कि उसके अच्छे कर्म और सेवा ही उसकी पहचान बनते हैं।

ऐसे में समाज के सक्षम लोगों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार तन, मन और धन से सेवा कार्यों में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज में सहयोग और संवेदना की भावना निरंतर बनी रहे।

गौ सेवा के इस पुनीत कार्य के लिए रामावतार अग्रवाल (रामू भैया) को समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा हार्दिक बधाई एवं साधुवाद दिया जा रहा है।

जय श्री कृष्ण, जय श्री राधे, जय गौमाता, जय श्री राम। 🚩