कबीरधाम में 10 लाख के इनामी नक्सली दंपत्ति ने किया आत्मसमर्पण..

Naxal couple with a reward of Rs 10 lakhs surrendered in Kabirdham..

कबीरधाम, 18 जनवरी 2025: छत्तीसगढ़ शासन की नई नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर, 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली दंपत्ति रमेश उर्फ मेस्सा और उनकी पत्नी रोशनी उर्फ हिड़में ने कबीरधाम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

रमेश उर्फ मेस्सा बोड़ला एरिया कमेटी विस्तार प्लाटून नंबर 3 में डिप्टी कमांडर के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी रोशनी उर्फ हिड़में उसी प्लाटून की सदस्य थीं। दोनों सुकमा जिले के पूवर्ती गांव के निवासी हैं, जो कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा का गृहग्राम है।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रमेश ने नक्सली संगठन में रहते हुए कई हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया और पुलिस के साथ मुठभेड़ों में शामिल रहे। वह संगठन में एसएलआर राइफल धारी के रूप में कार्यरत थे। वहीं, रोशनी उर्फ हिड़में संगठन की प्रशिक्षित सदस्य थीं और इन्सास राइफल धारी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाती रहीं।

दोनों नक्सलियों पर थाना तरेगांव में दो-दो नक्सल अपराध दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के बाद, छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत, उन्हें तत्काल 25,000-25,000 रुपये (कुल 50,000 रुपये) की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। भविष्य में, उन्हें तीन वर्ष तक 10,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड, निःशुल्क आवास एवं भोजन, कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण, कृषि भूमि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह आत्मसमर्पण सरकार की नीतियों और सुरक्षाबलों की रणनीति की बड़ी सफलता है।

अब तक, कबीरधाम जिले में आठ इनामी नक्सलियों सहित कुल नौ नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।