

बिलासपुर। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (जीजीयू) कैंपस में बिहार निवासी छात्र अर्सलान अंसारी की रहस्यमय मौत का खुलासा एक सप्ताह बाद भी नहीं हो पाया है। विवेकानंद हॉस्टल में रहने वाले अर्सलान का शव पिछले दिनों यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित तालाब में मिला था। इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की आशंका..
सिम्स में हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि छात्र के सिर पर मौत से पहले गंभीर चोट लगी थी। छात्र संगठनों का आरोप है कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला है, लेकिन पुलिस अभी तक इसे दुर्घटना के एंगल से ही देख रही है।
पुलिस की धीमी जांच..
सिर पर चोट की पुष्टि होने के बावजूद अब तक पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की है और न ही मामले की दिशा बदली है। पुलिस ने इस संबंध में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार का बयान जरूर दर्ज किया है।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन घेरे में..
छात्र की मौत के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की भूमिका सवालों के घेरे में है।
जांच समिति की सुस्त रफ्तार..
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। हालांकि, सप्ताहभर बीतने के बाद भी समिति ने अब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।
प्रबंधन पर निष्क्रियता का आरोप..
छात्र संगठनों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना के संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
यूनिवर्सिटी मीडिया प्रभारी प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने कहा है कि छात्र की मौत के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। जल्द ही रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। यूनिवर्सिटी कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच तक आंदोलन जारी..
मृतक छात्र अर्सलान को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी के छात्र लामबंद हो गए हैं। पिछले दिनों छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव किया था।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 3 नवंबर से सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
एबीवीपी ने कहा है कि जब तक अर्सलान की मौत की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।



