

बिलासपुर/रायपुर। नवापारा-राजिम क्षेत्र में हाल ही में हुई सर्राफा लूट की घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ के स्वर्ण आभूषण कारोबार को झकझोर कर रख दिया है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के चलते सर्राफा व्यापारियों में भय और आक्रोश का माहौल है। इसी को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक आपातकालीन बैठक आयोजित की।

यह महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़े सर्राफा संघों के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ व्यापारी शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया।
चेहरा ढंककर आने वालों को नहीं मिलेगी दुकान में एंट्री..
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश की किसी भी सर्राफा दुकान में हेलमेट, बुर्का या किसी भी प्रकार से चेहरा ढंककर आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एसोसिएशन का मानना है कि इस कदम से दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में ग्राहकों की स्पष्ट पहचान हो सकेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी। साथ ही यह निर्णय अपराधियों के मन में डर पैदा करेगा।
प्रदेशभर के प्रमुख व्यापारी नेताओं की सहभागिता..
इस अहम बैठक में प्रदेश के कई प्रमुख सर्राफा व्यापारी नेता शामिल रहे, जिनमें कमल सोनी (प्रदेश अध्यक्ष), प्रकाश गोलचा (बिलासपुर), हर्षवर्धन जैन (रायपुर), प्रदीप घोरपोड़े (रायपुर), संजय कुमार कनुगा (रायपुर), उत्तमचंद भंडारी (दुर्ग), पवन अग्रवाल (बिलासपुर), राजू दुग्गड़ (बस्तर) और राजेश सोनी (सरगुजा) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की जमीनी स्थिति से अवगत कराते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के सुझाव दिए।
सुरक्षा उपकरणों को लेकर की गई अपील..
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि वर्तमान हालात में सर्राफा व्यापारियों को अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी दुकानदारों से उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम, सेफ लॉकर और आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने की अपील की। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस और एसोसिएशन को देने का आग्रह किया।
सरकार और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग..
सर्राफा एसोसिएशन ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सर्राफा व्यापारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। साथ ही नवापारा- राजिम लूटकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि व्यापारियों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि चेहरा ढंककर प्रवेश पर रोक का निर्णय किसी भी वर्ग या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यापारियों और ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आने वाले समय में सुरक्षा को लेकर और भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।




