

रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत वन्य प्राणी भालू के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग की तत्पर कार्रवाई में इस गंभीर अपराध का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
रायगढ़ वन विभाग के वनमण्डलाधिकारी को 23 जनवरी 2026 को भालू के अवैध शिकार की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर उप वनमण्डलाधिकारी द्वारा सर्च वारंट जारी कर ग्राम जोबरो निवासी पंकज एवं लाखन के घर की तलाशी ली गई, जहां से भालू के अंग बरामद किए गए।
आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनके बयान के आधार पर मिट्ठू नामक व्यक्ति की तलाश की गई। पूछताछ में मिट्ठू ने अपराध स्वीकार करते हुए घटना स्थल की जानकारी दी। इसके पश्चात वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां से मृत भालू का शव बरामद किया गया।
शव की बरामदगी के बाद तीन पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए सैंपल को फॉरेंसिक लैब जांच हेतु भेजा जा रहा है। परीक्षण उपरांत शव का नियमानुसार दाह संस्कार किया गया।
वन विभाग ने अपराध स्वीकार करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मिट्ठू पिता दिलेश्वर राठिया (39), निवासी ग्राम जोबरो,पंकज पिता भरत लाल साहू (37), निवासी ग्राम पड़िगांव,तथा लखन पिता नानकुन पटेल (52), निवासी ग्राम देवगांव शामिल हैं। तीनों आरोपी थाना तमनार, जिला रायगढ़ क्षेत्र के निवासी हैं।
प्रकरण में शामिल अन्य तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश वन विभाग द्वारा की जा रही है। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप वनमण्डलाधिकारी तन्मय कौशिक (L.F.S.), उप वनमण्डलाधिकारी मनमोहन मिश्रा, वन परिक्षेत्र अधिकारी संजय लकड़ा (रायगढ़) एवं विक्रांत (तमनार) सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।




