

बिलासपुर। रायपुर रोड स्थित ओरो होटल इन दिनों अवैध शराब परोसने का अड्डा बन गया है जहां नियमों को ताक पर रखकर देर रात तक महफिलें सज रही हैं। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन इस मामले में आंखें मूंदकर बैठा है जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रायपुर रोड के इस होटल में शाम ढलते ही शराब का दौर शुरू हो जाता है जो देर रात तक चलता है। यहां न केवल शराब परोसी जा रही है बल्कि तेज संगीत और नशेड़ियों के हंगामे ने आसपास के लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। मोहल्ले वालों का कहना है कि होटल के बाहर सड़क तक नशे में धुत्त लोगों का जमावड़ा लगा रहता है जिससे महिलाओं और बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है।
कागजों में दबकर रह गई शिकायतें..
इलाके के लोगों ने बताया कि उन्होंने आबकारी विभाग के दफ्तर में कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की है। हर बार अधिकारियों की ओर से बस यही रटा-रटाया जवाब मिलता है कि मामले की जांच चल रही है। हैरानी की बात यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी यह जांच पूरी नहीं हो पाई है। ऐसा लगता है कि विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है।
नियमों की उड़ रही धज्जियां..
नियमों के मुताबिक बिना वैध लाइसेंस के शराब पिलाना या बेचना संगीन अपराध है। इसके बावजूद ओरो होटल में न तो कभी औचक निरीक्षण हुआ और न ही लाइसेंस की जांच की गई। सूत्रों का कहना है कि रसूख और साठगांठ के चलते विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार..
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
फिलहाल इस पूरे मामले में आबकारी विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कैमरे के सामने आकर कुछ भी कहने से मना कर दिया है। लोगों का कहना है कि अब चकरभाठा में यह चर्चा आम हो गई है कि जहां रसूखदारों का जाम छलक रहा है वहां प्रशासन ने मौन साध लिया है।
देखें वॉयरल वीडियो..
(Disclaimer)
यह समाचार रिपोर्ट प्राप्त जानकारी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि तेज खबर .इन आधिकारिक तौर पर नहीं करता है। लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य किसी की छवि को धूमिल करना नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन तक घटना की सूचना पहुँचाना है। मामले की पूरी सच्चाई और जांच का जिम्मा संबंधित पुलिस प्रशासन का है।




