बिलासपुर के बेलतरा महोत्सव में चले लात मुक्के और बेल्ट, तमाशबीन बने रहे लोग.. देखें वीडियो..

बिलासपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र के नगपुरा गांव में आयोजित तीन दिवसीय बेलतरा महोत्सव में युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि युवकों ने एक-दूसरे पर लात मुक्कों और बेल्ट से हमला कर दिया। इस मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि आयोजन स्थल पर भारी भीड़ होने के बावजूद गुंडे सरेराह कानून की धज्जियां उड़ाते रहे और सुरक्षा के नाम पर वहां कोई मौजूद नहीं था।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में मचा गदर..

नगपुरा में आयोजित इस महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रम चल रहे थे तभी युवाओं की टोली आपस में उलझ गई। बात गाली-गलौज से शुरू हुई और देखते ही देखते बेल्ट निकल आए। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक एक-दूसरे को जमीन पर पटक-पटक कर मार रहे हैं। वहां मौजूद लोग बीच-बचाव करने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाने में मशगूल रहे। आयोजन समिति की लापरवाही का आलम यह रहा कि भीड़ को नियंत्रित करने का कोई इंतजाम नहीं था जिससे हुड़दंगियों के हौसले बुलंद हो गए।

इस बड़े आयोजन में खुलेआम हुई मारपीट के बावजूद थाने में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। रतनपुर पुलिस का कहना है कि बेलतरा महोत्सव के दौरान किसी नाबालिक लड़के का पैर किसी दूसरे लड़के के ऊपर पड़ जाने के कारण यह लड़ाई झगड़ा हुआ क्योंकि दोनों गुट के लड़के नाबालिक है इसलिए समझाइश देकर उन्हें छोड़ दिया गया है। दोनों पक्ष की तरफ से थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तांडव..

वायरल वीडियो ने इलाके में सनसनी मचा दी है। वीडियो में करीब आधा दर्जन युवक एक युवक को घेरकर बेल्ट से पीटते नजर आ रहे हैं। यह मारपीट काफी देर तक चलती रही लेकिन किसी ने भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई। महोत्सव के नाम पर हो रहे इस हुड़दंग ने स्थानीय प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है।

(Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट प्राप्त जानकारी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि तेज खबर. इन .. आधिकारिक तौर पर नहीं करता है। लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य किसी की छवि को धूमिल करना नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन तक घटना की सूचना पहुँचाना है। मामले की पूरी सच्चाई और जांच का जिम्मा संबंधित पुलिस प्रशासन का है।