

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र इन दिनों अवैध खनन को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र में रेत, मुरुम और मिट्टी का अवैध उत्खनन खुलेआम जारी है। हैरानी की बात यह है कि दिनदहाड़े भारी मशीनों से खनन किया जाता है और रात के अंधेरे में इन खनिजों का परिवहन किया जाता है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।

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मिली जानकारी के अनुसार सेंदरी, लोफंदी, कछार, बैमा, पेंडरवा, मोपका, कोनी और सरवन देवरी सहित कई घाटों पर नियमों को ताक पर रखकर खनन जारी है। इन स्थानों पर ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई बार अवैध खनन के दौरान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें ट्रैक्टर चालकों की जान तक चली गई है। वहीं तेज रफ्तार खनन वाहनों से ग्रामीणों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि से न सिर्फ पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि शासन को राजस्व की भी हानि हो रही है। इसके अलावा गांवों की सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। इससे खनन माफियाओं के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं।
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा कि बेलतरा अब अवैध खनन माफियाओं का गढ़ बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक संरक्षण के कारण ही इन गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
उन्होंने मांग की कि अवैध खनन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बहाल हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।



