

अनियमितताओं पर ‘जीरो टॉलरेंस’, जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश..

कवर्धा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। कवर्धा जिले के धान उपार्जन केंद्रों से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के मामले में जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड), रायपुर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान धान संग्रहण केंद्रों में धान के भंडारण एवं रखरखाव को लेकर मीडिया के समक्ष तथ्यों की पुष्टि किए बिना गलत जानकारी प्रस्तुत करने, कर्तव्य में लापरवाही तथा संघ के सेवा नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस कृत्य से छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन एवं मार्कफेड की छवि धूमिल हुई, जिसे गंभीर कदाचार मानते हुए सेवा नियमों की कंडिका 27(1) के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान अभिषेक मिश्रा का मुख्यालय जिला विपणन कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने कहा कि धान खरीदी किसानों की आजीविका से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रम फैलाना या गलत जानकारी देना सीधे तौर पर किसानों के हितों पर चोट है। डिप्टी सीएम द्वारा की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि किसानों को परेशान करने या व्यवस्था को बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

प्रदेश प्रवक्ता ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार किसान हितों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। धान खरीदी में पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती शासनकाल में जहां अव्यवस्था और दलालों का बोलबाला था, वहीं वर्तमान भाजपा सरकार में शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही तय की जा रही है।

बी.पी. सिंह ने यह भी बताया कि भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशभर के धान खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी कर रहा है तथा किसानों की हर समस्या को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जा रहा है, ताकि किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।



