

बिलासपुर। नेशनल हाइवे पर होने वाले जानलेवा हादसों को रोकने के लिए अब एक नई और वैज्ञानिक रणनीति पर काम होगा। हादसों में होने वाली मौतों को कम करने के लिए अब विभागों का सबसे ज्यादा फोकस सड़कों पर सही ‘रोड साइनेज’ (चेतावनी और दिशा बोर्ड) लगाने और ‘ब्लैक-स्पॉट्स’ (ज्यादा हादसे वाली जगह) को सुधारने पर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाइवे पर सफर को सुरक्षित बनाने और एक्सीडेंट का ग्राफ गिराने के लिए यह नया प्लान तैयार किया है।

वैज्ञानिक तरीके से सुधरेंगे खतरनाक ‘ब्लैक-स्पॉट्स’

सड़क हादसों की एक बड़ी वजह वे जगहें होती हैं, जहां सड़क की बनावट, अंधे मोड़ या किसी अन्य खामी के कारण बार-बार एक्सीडेंट होते हैं। तकनीकी भाषा में इन्हें ‘ब्लैक-स्पॉट’ कहा जाता है। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट विवेक सिंह के मुताबिक, हाइवे पर अब इन खतरनाक जगहों की पहचान पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। सिर्फ इनकी पहचान करना ही काफी नहीं है, बल्कि एक तय समय सीमा (टाइम-लिमिट) के भीतर इन जगहों की तकनीकी कमियों को दूर किया जाएगा। समय पर इन खतरनाक प्वाइंट्स को सुधारने से सड़क सुरक्षा काफी मजबूत होगी और आम लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
सही साइनेज और लेन मार्किंग से कम होंगी मौतें..
अक्सर हाइवे पर तेज रफ्तार के बीच चेतावनी बोर्ड न होने से गाड़ियां हादसे का शिकार हो जाती हैं। NHAI रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों (फेटैलिटी) को कम करने के लिए हाइवे पर सही जगह ‘रोड साइनेज’ का होना बहुत जरूरी है।
इसके साथ ही, गाड़ियों की स्पीड कंट्रोल करने के तरीके और सड़क पर साफ दिखने वाली लेन मार्किंग भी हादसों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। NHAI का मुख्य लक्ष्य अब इन्हीं छोटे लेकिन जरूरी सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना है।
बिलासपुर की कार्यशाला में बना एक्शन प्लान..

हाइवे को सुरक्षित बनाने की इस नई रणनीति पर बिलासपुर में विस्तार से मंथन हुआ। 30 मार्च को NHAI की परियोजना कार्यान्वयन इकाई (PIU) बिलासपुर की ओर से सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसी वर्कशॉप में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर एक्सपर्ट्स और अफसरों ने चर्चा कर ये फैसले लिए।
इस अहम बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीक्षण अभियंता जे.पी. तिग्गा, कार्यपालन अभियंता रविंद्र खांबरा और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के कार्यपालन अभियंता रामवीर यादव शामिल हुए। साथ ही, NHAI बिलासपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुकेश कुमार और कोरबा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डी.डी. पार्लावार ने भी हाइवे सुरक्षा को लेकर अपने जरूरी सुझाव रखे।



