हाथी के दांत की तस्करी का खुलासा : 5 साल पुराने दांत को बेचने की तैयारी में 3 आरोपी गिरफ्तार..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हाथी के दांत की अवैध तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी करीब 5 वर्ष पहले खेत में मिले हाथी के टूटे दांत को छिपाकर रखे हुए थे और अब उसे बेचने की फिराक में थे।

वन विभाग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर 20 मार्च 2026 को कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान ग्राम कुल्हाड़ीघाट निवासी पदमन कमार के घर की तलाशी ली गई, जहां दीवार में छिपाकर रखा गया हाथी का एक टूटा दांत बरामद हुआ। यह दांत लगभग 10 सेमी लंबा और 4.30 सेमी व्यास का है।

जांच में सामने आया कि आरोपी पदमन ने इस दांत को करीब 4 साल से अपने घर की दीवार में छिपाकर रखा था। वहीं, ग्राम कठवा निवासी सुखचंद नेताम ने यह दांत वर्ष 2021 में सिहार (मैनपुर) निवासी गंगाराम से लिया था। उल्लेखनीय है कि गंगाराम की मृत्यु सितंबर 2022 में हाथी-मानव संघर्ष के दौरान हो गई थी।

आरोपियों का दावा है कि यह दांत गंगाराम को सिहार गांव के एक खेत में पड़ा मिला था, हालांकि वन विभाग इस दावे को संदिग्ध मानते हुए मामले की गहन जांच कर रहा है। बरामद दांत का सैंपल डीएनए परीक्षण के लिए देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजा जा रहा है।

तलाशी के दौरान टीम ने हाथी के दांत के अलावा दो धनुष, 12 तीर, एक घुरू, चिड़िया मारने का धनुष, दो गुलेल, जंगली सुअर का दांत और उसके बाल भी जब्त किए हैं।

इस मामले में पुसकराम (ग्राम सिहार) और सुखचंद नेताम (ग्राम कठवा) को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुसकराम पहले भी सांभर शिकार के मामले में आरोपी रह चुका है और जमानत पर बाहर था।

मुख्य आरोपी पदमन कमार फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

इस पूरी कार्रवाई में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, एंटी पोचिंग टीम और डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों से जुड़े अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।