

बिलासपुर। शहर के शासकीय राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय का खेल मैदान इन दिनों विवाद का केंद्र बन गया है। जिस मैदान में कभी खिलाड़ियों की मेहनत और अभ्यास की गूंज सुनाई देती थी, वहीं अब प्रतिबंधों और अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का विरोध तेज हो गया है।

महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्राचार्य को पत्र सौंपा है। उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि नियमित अभ्यास के बिना प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना संभव नहीं है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
मामला उस समय और गरमा गया जब कांग्रेस नेता अंकित गौरहा खिलाड़ियों के समर्थन में सामने आए। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। गौरहा ने कहा कि महाविद्यालय की संपत्तियों पर सबसे पहला अधिकार छात्रों का है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण खिलाड़ियों को उनके ही मैदान से वंचित किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा असर उभरती खेल प्रतिभाओं पर पड़ेगा।
गौरहा ने मांग की है कि महाविद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं, जिससे खेल मैदान का प्राथमिक उपयोग छात्रों के लिए सुनिश्चित हो। इसके अलावा, खेल गतिविधियों के लिए नियमित समय-निर्धारण और पारदर्शी नियम लागू करने की भी आवश्यकता बताई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
इस पूरे मामले के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।



