

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के कोटा क्षेत्र के बेलगहना वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुरदर स्थित एक निजी एथनिक रिसॉर्ट में चीतल के शिकार और उसके मांस पकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर रिसॉर्ट के किचन से संदिग्ध मांस बरामद किया है और मैनेजर सहित पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

वन विभाग को शुक्रवार को गुप्त सूचना मिली थी कि रिसॉर्ट में चीतल का शिकार कर उसका मांस पकाया जा रहा है। सूचना मिलते ही डीएफओ के निर्देश पर कोटा एसडीओ के नेतृत्व में टीम गठित की गई और मौके पर दबिश दी गई।
किचन में पक रहा था मांस..

छापेमारी के दौरान टीम ने रिसॉर्ट के किचन में कड़ाही में मांस पकते हुए पाया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि यह मांस रिसॉर्ट के मैनेजर और कर्मचारियों के लिए तैयार किया जा रहा था। रिसॉर्ट में लगभग 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत बताए जा रहे हैं।
6 आरोपी गिरफ्तार..

वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुक रामकुमार टोप्पो, तेज सिंह बैगा,जनक राम बैगा,रिसॉर्ट मैनेजर रजनीश सिंह, तथा कर्मचारी रमेश यादव और संजय वर्मा को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
एक-दूसरे पर डाल रहे आरोप..
पूछताछ के दौरान मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने मांस की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए दोष कुक पर डाल दिया। वहीं कुक रामकुमार टोप्पो ने बताया कि उसे गांव के जनक बैगा द्वारा पत्ते में लाकर मांस दिया गया था और उसे यह नहीं पता कि वह किस जानवर का मांस है।
लैब जांच के लिए भेजा गया मांस..
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त मांस को परीक्षण के लिए लैब भेजा जाएगा, जिससे यह पुष्टि हो सके कि वह हिरण का मांस है या नहीं। फिलहाल हिरण के अन्य अवशेष बरामद नहीं हो सके हैं।

वन विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है।



