बीएनआई बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला 2026 : व्यापार, मनोरंजन और सामाजिक सरोकारों का भव्य संगम..आदर्श दंपतियों का सम्मान, नन्ही प्रतिभाओं को मंच और 10 से अधिक झूलों ने बढ़ाया मेले का आकर्षण..

बिलासपुर। साइंस कॉलेज मैदान, सरकंडा में बीएनआई बिलासपुर द्वारा आयोजित व्यापार एवं उद्योग मेला 2026 ने व्यापार, उद्योग, मनोरंजन और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक सूत्र में पिरोते हुए शहरवासियों और व्यवसायिक समुदाय को एक सशक्त मंच प्रदान किया है। यह मेला 29 जनवरी से 3 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित किया जा रहा है, जिसे नागरिकों और व्यापारियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

शनिवार को मेले में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर संभागीय आयुक्त सुनील जैन ने की। अति विशिष्ट अतिथियों में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एडीएन वाजपेयी, पं. सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सी.के. सरस्वत, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी, सीएमडी कॉलेज के अध्यक्ष संजय दुबे एवं पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष विनोद मेघानी शामिल रहे। अतिथियों ने मेले की भव्यता, उत्कृष्ट साज-सज्जा तथा इसके सामाजिक और आर्थिक महत्व की मुक्त कंठ से सराहना की।

व्यापार, सेवा और मनोरंजन का अनूठा संगम..

मेले में व्यापारिक और सामाजिक स्टॉल्स की विविधता दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रही। यहां रियल एस्टेट, लाइफस्टाइल, हेल्थकेयर, हॉस्पिटल्स, रोजगार मेला, साथ ही निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्रदान एवं रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। बच्चों और परिवारों के लिए 10 से अधिक प्रकार के झूले, फूड स्टॉल और क्राफ्ट बाजार ने मेले को उत्सवमय बना दिया।

50 वर्ष पूर्ण कर चुके आदर्श दंपतियों का सम्मान..

शनिवार को मेले का विशेष आकर्षण रहा 50 वर्ष का वैवाहिक जीवन पूर्ण कर चुके आदर्श दंपतियों का सम्मान समारोह। इस अवसर पर
नरेश-किरण सुल्तानिया, प्रेम-सुमन त्रिहान, विंसेंट-स्नेहलता गॉटलिब, मदन गोपाल-रूपा सिंह, जमनादास-पुष्पांजलि कक्कड़, विनोद-कल्याणी पाठक, राम मणि-सावित्री पांडेय, एल.एन.-कमलेश गुरुदीवान, प्रमोद-प्रभा श्रीवास्तव एवं विद्या भूषण-हरबती शर्मा को मंच से सम्मानित किया गया। अतिथियों ने इन दंपतियों के प्रेरणादायक वैवाहिक जीवन और सामाजिक योगदान की प्रशंसा की।

ग्लैमोरा एवं IIFT सीजन 3.0 का भव्य आयोजन..

इसी दिन ग्लैमोरा और IIFT सीजन 3.0 का आयोजन हुआ, जिसमें रैंप वॉक के माध्यम से मिस्टर बिलासपुर, मिस बिलासपुर, मिस कॉन्फिडेंस और बेस्ट मॉडल का चयन किया गया। निर्णायक मंडल में मिस यूनिवर्स छत्तीसगढ़ डॉ. अंजली पवार और इंटरनेशनल एथलीट व गोल्ड मेडलिस्ट रोहन शाह शामिल रहे। सम्मानित आदर्श दंपतियों को 5,000 रुपये का कूपन भी प्रदान किया गया।

रविवार के विशेष कार्यक्रम..

रविवार को मेले में बच्चों और युवाओं के लिए कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोपहर में हेल्दी बेबी प्रतियोगिता, मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिता होंगी। शाम को 20 से अधिक स्कूलों की सहभागिता वाली इंटर स्कूल डांस प्रतियोगिता मेले का मुख्य आकर्षण रहेगी। इसके पश्चात किड्स स्पेशल एचीवमेंट अवार्ड सेरेमनी में देश स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले 12 प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही शक्ति के स्पेशल चाइल्ड ब्लाइंड स्कूल के बच्चों की प्रस्तुति और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता भी दर्शकों को भावविभोर करेंगी।

अतिथियों के विचार..

विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि यह धन कमाने का नहीं, सरोकार कमाने का अवसर है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का यह संगम समतामूलक समाज का प्रतीक है। पूरे बीएनआई परिवार को इस सपने को साकार करने के लिए साधुवाद।

संभागीय आयुक्त सुनील जैन ने कहा कि 25 वर्षों की यह परंपरा सराहनीय है। बीएनआई मेला आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन कर रहा है।

कुलपति डॉ. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि यह संयुक्त समृद्धि का साकार रूप है। छोटे उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और बीएनआई मेला उन्हें सही दिशा देने का कार्य कर रहा है।

डॉ. अरविंद तिवारी ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों और उद्यमियों का सहयोग ही राष्ट्र की समृद्धि का आधार है।

बीएनआई बिलासपुर डायरेक्टर किरण पाल ने कहा कि जीते जी रक्तदान और जाते-जाते नेत्रदान व देहदान मानवता की सच्ची पहचान है। बीएनआई बिलासपुर सामाजिक उत्तरदायित्व के इन प्रयासों के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।

शहर के लिए प्रेरणा का स्रोत..

बीएनआई बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला 2026 न केवल व्यापारिक संभावनाओं का विस्तार कर रहा है, बल्कि सामाजिक जागरूकता, पारिवारिक मूल्यों और बच्चों की प्रतिभा को भी सशक्त मंच प्रदान कर रहा है। यह मेला बिलासपुर के लिए गौरव, प्रेरणा और सामूहिक विकास का प्रतीक बनकर उभरा है।