

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम बिलासपुर पहुंच गई है और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण शुरू कर दिया है। टीम ने वायरस प्रभावित इलाकों में सैंपलिंग, सैनिटाइजेशन और रोकथाम के उपायों का बारीकी से मूल्यांकन किया।


जानकारी के अनुसार, टीम आज और कल पूरे प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत सर्वे करेगी, ताकि संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और आगे की रणनीति तय की जा सके।
कैसे फैला संक्रमण?
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि बर्ड फ्लू का संक्रमण अप्रवासी (माइग्रेटरी) पक्षियों के जरिए फैला हो सकता है। ये पक्षी अक्सर लंबी दूरी तय करते हुए विभिन्न जलाशयों और खुले क्षेत्रों में रुकते हैं, जिससे वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
कहां से शुरू हुआ मामला?
बर्ड फ्लू का पहला मामला कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में सामने आया था, जहां बड़ी संख्या में मुर्गियों की अचानक मौत हो गई थी। जांच में पुष्टि हुई कि इन पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू वायरस के कारण हुई है। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से फार्म को बंद कर दिया और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई।
3 सप्ताह तक प्रतिबंध जारी..
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में तीन सप्ताह तक प्रतिबंध लागू रखा है। इस दौरान पोल्ट्री से जुड़े सभी कार्यों पर रोक लगाई गई है, साथ ही आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
करोड़ों का नुकसान..
पोल्ट्री फार्म बंद होने के कारण अब तक 8 से 9 करोड़ रुपए तक का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। इससे पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े किसानों और व्यापारियों को भारी झटका लगा है।
क्या कर रही है टीम?
केंद्रीय टीम द्वारा संक्रमित क्षेत्रों से नए सैंपल लिए जा रहे हैं।सैनिटाइजेशन प्रक्रिया की जांच की जा रही है।स्थानीय प्रशासन के कदमों का मूल्यांकन किया जा रहा है।भविष्य में संक्रमण रोकने के उपाय सुझाए जाएंगे।
प्रशासन की अपील..
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, पोल्ट्री उत्पादों के उपयोग में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की तुरंत सूचना दें।
बिलासपुर में बर्ड फ्लू की स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय हैं। हालांकि, खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए अगले कुछ सप्ताह बेहद अहम माने जा रहे हैं।



