

नई दिल्ली/रायपुर। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए खरीफ सीजन 2026 के लिए ₹41,534 करोड़ की खाद सब्सिडी को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया। इस फैसले से देशभर के किसानों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ धान उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। यहां खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में केंद्र सरकार की यह सब्सिडी किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
इस निर्णय के कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को डीएपी सहित अन्य उर्वरक सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे। इससे खेती की लागत में कमी आएगी और किसानों का खर्च घटेगा। लागत कम होने से किसानों का मुनाफा बढ़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
समय पर और उचित कीमत पर खाद मिलने से फसलों की पैदावार में भी बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा। खासकर छोटे और सीमांत किसानों को इससे सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जो महंगे उर्वरकों के कारण अक्सर परेशान रहते हैं।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों के हित में बड़े और ऐतिहासिक फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि इस सब्सिडी से छत्तीसगढ़ के किसानों को खेती में राहत मिलेगी और उनकी आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विष्णुदेव साय सरकार किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ हर किसान तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला खरीफ 2026 सीजन में खासतौर पर धान उत्पादक क्षेत्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह निर्णय किसानों के लिए राहत और कृषि क्षेत्र के लिए मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।



