

बिलासपुर। गर्मी की शुरुआत और नवरात्रि के त्योहार को देखते हुए बिलासपुर का खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर और आसपास के इलाकों में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सीपत स्थित एक वाटर प्लांट से हजारों की संख्या में पानी की बोतलें और पाउच जब्त किए हैं। साथ ही रतनपुर में मां महामाया मंदिर के प्रसाद की गुणवत्ता भी जांची गई।

वाटर प्लांट पर छापा, लेबल में मिली गड़बड़ी..
अभिहित अधिकारी आर.आर. देवांगन के नेतृत्व में टीम ने सीपत के ‘गंगोत्री मिनरल एंड वाटर प्लांट’ का निरीक्षण किया। यहां पानी की बोतलों पर भ्रामक जानकारी (मिथ्याछाप) पाई गई। इस पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने 1 लीटर की 210 पेटी, 250 एमएल की 3030 बोतलें और करीब 29,100 पानी के पाउच सीज कर दिए। मौके से पानी के विधिक नमूने भी लिए गए हैं।
महामाया मंदिर के प्रसाद और ठेलों की जांच..

नवरात्रि में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए टीम रतनपुर पहुंची। यहां मां महामाया मंदिर के प्रसाद कक्ष का निरीक्षण किया गया और भोग की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए नमूने लिए गए। मंदिर परिसर के बाहर चाट ठेलों की जांच के दौरान मिलावटी और अखाद्य रंगों का इस्तेमाल पाया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। संचालकों को साफ-सफाई और मानकों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है।
बाजार से लिए दाल और साबूदाने के सैंपल..
कार्रवाई के दौरान टीम ने अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों से सेवई, साबूदाना, अरहर और चना दाल के सैंपल भी लिए। दो फर्मों को व्यवस्था में सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया है। इस टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीर सागर पटेल, अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी शामिल थे। विभाग का कहना है कि मिलावटखोरी रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।



