

बिलासपुर। कोनी पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। शादी का लालच देकर एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी सुबोध मधुकर को पुलिस ने गुजरात के मेमाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई महीनों से लड़की को अपने साथ रखकर उसका शोषण कर रहा था। पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है, वहीं आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला..
यह मामला इसी साल जुलाई महीने का है। कोनी निवासी एक महिला ने 9 जुलाई 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी अचानक घर से लापता हो गई है। महिला ने शक जताया था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन आरोपी और लड़की का कहीं सुराग नहीं मिल रहा था।
ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे..
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले में लापता बच्चों की खोज के लिए ऑपरेशन मुस्कान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि संदेही सुबोध मधुकर नाबालिग लड़की के साथ गुजरात के मेमाबाद में छिपकर रह रहा है।
सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी पंकज पटेल और सीएसपी गगन कुमार के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस की यह टीम तुरंत गुजरात रवाना हुई और घेराबंदी कर आरोपी के चंगुल से लड़की को छुड़ा लिया। जब पुलिस ने पीड़िता से पूछताछ की, तो उसने अपनी आपबीती सुनाई। लड़की ने बताया कि सुबोध उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था और वहां उसके साथ कई बार जबरदस्ती की।
निरीक्षक भावेश शेंडे ने बताया कि आरोपी सुबोध मधुकर (23 वर्ष) ग्राम निरतू का रहने वाला है। उसके खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। 31 दिसंबर को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में महिला प्रधान आरक्षक बालमती यादव, आरक्षक अजय मधुकर और जितेंद्र मिश्रा की अहम भूमिका रही।




