कवर्धा के जंगलों में बिछा था मौत का जाल, शिकारियों के ठिकानों से तार और फंदे बरामद..

कवर्धा। वन विभाग और नोवा टीम ने मिलकर गुरुवार दोपहर तारेगांव रेंज के धनवाही बीट में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। जंगल के भीतर शिकारियों द्वारा बिछाए गए फंदों को खोजने के लिए की गई इस एंटी स्नेयर वॉक में टीम को बड़ी सफलता मिली है। नाले के किनारे बने घरों की तलाशी में खरगोश के फंदे और करंट लगाकर शिकार करने वाले तार बरामद किए गए हैं। वन विभाग की इस अचानक कार्रवाई से इलाके के शिकारियों में हड़कंप मच गया है।

घरों में मिले मौत के सामान..

दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जब टीम जंगल के भीतर सर्च करते हुए आगे बढ़ी तो नाले के पास कुछ घर दिखाई दिए। जांच के दौरान घरों में केवल बच्चे ही मिले। वहां टीम को खरगोश पकड़ने के लिए बनाए गए नए फंदे मिले। इसके अलावा भारी मात्रा में सेंटरिंग वायर और लकड़ी के डंडे भी बरामद हुए। आशंका है कि इन तारों का इस्तेमाल पास से गुजर रही 11 केवी की बिजली लाइन से करंट फैलाकर बड़े जानवरों का शिकार करने के लिए किया जाना था।

साही के कांटे और क्लच वायर भी मिले..

तलाशी के दौरान एक दूसरे घर से क्लच वायर बरामद हुए जिनका उपयोग जंगली सूअर और हिरण जैसे बड़े जानवरों को फंसाने के लिए किया जाता है। टीम को वहां साही के कांटे और पक्षियों को पकड़ने के जाल भी मिले। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घरों में किसी बड़े सदस्य के न होने की वजह से फिलहाल अंदरूनी तलाशी नहीं ली गई है लेकिन सामान को जब्त कर लिया गया है।

बिजली लाइन के पास बिछा रहे थे जाल..

वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि गांव के पास से ही हाई वोल्टेज बिजली लाइन गुजरी है। शिकारी अक्सर इन्हीं तारों से हुकिंग कर जमीन पर करंट फैला देते हैं जिससे वन्य प्राणी उसकी चपेट में आ जाते हैं। नोवा टीम के सदस्यों ने बताया कि जंगल में शिकार रोकने के लिए इस तरह की पैदल गश्त आगे भी जारी रहेगी ताकि बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सके।