15 साल से लंबित मांगों पर सिम्स में नर्सिंग कर्मचारियों का धरना, अब कैंडल मार्च और स्कूटी रैली की तैयारी..

ग्रेड पे से लेकर 40 हजार रुपये न्यूनतम वेतन तक की मांग, नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन ने कहा- अब आश्वासन नहीं, शासन जारी करे आदेश..

बिलासपुर। करीब 15 वर्षों से लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) अस्पताल की पार्किंग में सोमवार को नर्सिंग कर्मचारी धरने पर बैठ गए। नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन के जरिए कर्मचारियों ने शासन से वेतनमान, पदनाम, भत्तों और पदोन्नति से जुड़े मामलों में ठोस निर्णय लेने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

नर्सिंग कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन मिलने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। शासन को मांगों पर निर्णय लेकर आदेश जारी करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। एसोसिएशन ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की भी तैयारी की है। कर्मचारियों के मुताबिक, मंगलवार को फिर सिम्स अस्पताल की पार्किंग में धरना दिया जाएगा। इसके बाद कैंडल मार्च और स्कूटी रैली के माध्यम से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने की योजना है।

पदनाम से वेतनमान तक, आठ मांगों पर जोर..

नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन ने अपनी आठ प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। इनमें कर्मचारियों के वेतनमान में सुधार से लेकर पदनाम परिवर्तन, भत्तों में बढ़ोतरी और नई भर्ती तक के मुद्दे शामिल हैं। एसोसिएशन का कहना है कि नर्सिंग संवर्ग स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और उपचार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में नर्सिंग कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में उनकी सेवा शर्तों और लंबित मांगों पर निर्णय लिया जाना जरूरी है।

एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में नर्सिंग संवर्ग के लिए ग्रेड पे लागू करना शामिल है। इसके साथ ही स्टाफ नर्स का पदनाम बदलकर नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंग सिस्टर का पदनाम बदलकर सीनियर नर्सिंग ऑफिसर करने की मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि पदनाम और वेतनमान से जुड़े मामलों का निराकरण होने से संवर्ग की सेवा संबंधी व्यवस्था में स्पष्टता आएगी।

नर्सिंग भत्ता 7200 और ड्रेस भत्ता 1800 रुपये करने की मांग..

नर्सिंग कर्मचारियों ने भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी उठाई है। एसोसिएशन नर्सिंग भत्ता बढ़ाकर 7,200 रुपये और ड्रेस भत्ता 1,800 रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित वित्तीय मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण उनमें असंतोष बढ़ रहा है।

इसके अलावा लंबित पदोन्नति और समयमान वेतनमान से संबंधित आदेश जारी करने की मांग की गई है। कर्मचारियों के अनुसार, पदोन्नति और समयमान वेतनमान से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण होना जरूरी है, ताकि पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार लाभ मिल सके। एसोसिएशन ने इन मामलों में प्रक्रिया पूरी कर आदेश जारी करने पर जोर दिया है।

एक हजार नियमित स्टाफ नर्सों की भर्ती की मांग..

नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन ने प्रदेश में एक हजार नियमित स्टाफ नर्सों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की मांग भी उठाई है। एसोसिएशन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से नर्सिंग संवर्ग में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

संविदा कर्मचारियों को नियमित भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि संविदा व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्याओं पर भी शासन को ध्यान देना चाहिए।

नर्सिंग प्रशिक्षुओं का स्टाइपेंड 1500 से बढ़ाकर 15 हजार करने की मांग..

नर्सिंग प्रशिक्षुओं के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी भी एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में शामिल है। वर्तमान में 1,500 रुपये बताए जा रहे स्टाइपेंड को बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी से प्रशिक्षुओं को राहत मिल सकती है।

इस तरह नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन केवल वेतन और भत्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पदनाम परिवर्तन, पदोन्नति, नियमित भर्ती, संविदा कर्मचारियों के वेतन और प्रशिक्षुओं के स्टाइपेंड जैसे अलग-अलग मुद्दे शामिल हैं। एसोसिएशन इन सभी मांगों पर एक साथ निर्णय लेने की मांग कर रहा है।

एसोसिएशन बोला- मांगे पूरी नही हुईं तो तेज होगा आंदोलन..

नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी अमर ज्योति ने कहा कि कर्मचारियों की मांगे लंबे समय से लंबित हैं। इस संबंध में लगातार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि यदि शासन जल्द निर्णय नहीं लेता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में कैंडल मार्च और स्कूटी रैली निकालने की तैयारी की जा रही है।

एसोसिएशन की सदस्य जागृति तिवारी ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी। धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों के निराकरण के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी अपेक्षा है कि शासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे और लंबित मामलों में समयबद्ध निर्णय ले।

मंगलवार को फिर सिम्स की पार्किंग में धरना..

नर्सिंग कर्मचारियों ने मंगलवार को एक बार फिर सिम्स अस्पताल की पार्किंग में धरना देने का ऐलान किया है। इसके बाद आंदोलन के अगले चरण में कैंडल मार्च और स्कूटी रैली निकालने की तैयारी है। एसोसिएशन का कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

अब निगाहें शासन के रुख पर टिकी हैं। नर्सिंग संवर्ग की आठ मांगों में से किन मुद्दों पर पहले निर्णय लिया जाता है और कर्मचारियों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल कर्मचारियों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए लंबित मांगों के निराकरण के लिए दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।