अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर विशेष शिविर आयोजित, उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प..

बिलासपुर। धर्मनिष्ठ वीरांगना एवं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर रविवार सुबह 36 मॉल के समीप स्थित उत्सव वाटिका में नए दृष्टिकोण वाले शिविर का विशेष सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लेकर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विषयों पर चिंतन-मंथन किया।

प्रातः 6 बजे से प्रारंभ हुए इस विशेष सत्र का शुभारंभ श्रद्धा एवं आस्था के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उपस्थित साधकों ने शरीर, मन और चेतना के संतुलन से जुड़े विभिन्न प्रयोगों एवं गतिविधियों में सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललित अग्रवाल ने भारतीय कालगणना, पुरुषोत्तम मास के महत्व तथा उसके वैज्ञानिक आधार पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लगभग तीन वर्ष के अंतराल में आने वाला पुरुषोत्तम मास भारतीय समय गणना की वैज्ञानिकता और खगोलीय संतुलन का प्रतीक है।

इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। काशी, सोमनाथ सहित अनेक प्राचीन तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण और संरक्षण में उनका योगदान भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है।

ललित अग्रवाल ने कहा कि केवल उनकी जयंती मनाना या श्रद्धांजलि अर्पित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, सेवा भाव, सांस्कृतिक संरक्षण और समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को भी राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान साधकों ने सामूहिक रूप से ध्यान, चिंतन एवं अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लिया। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने समाज में सद्भाव, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

इस आयोजन को सफल बनाने में उत्सव वाटिका परिवार, गार्डन साधना केंद्र, नेचर सिटी सकरी तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े साधकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में उमाशंकर साहू, पी.आर. साहू, पी.आर. यादव, सुरेश अग्रवाल, आशालता दुबे, मुकेश चौबे, डी.पी. सक्सेना, संतोष मिश्रा, ममता मिश्रा, पूर्णिमा पिल्ले, संतोष वर्मा, सरोजनी वर्मा, किरण श्रीवास्तव, प्रगति दुबे, गोपाल अग्रवाल, संगीता केशरवानी, आर.एस. विंध्यराज, प्रेमलता विंध्यराज, नरेंद्र यादव, रामचंद्र दुबे सहित बड़ी संख्या में साधक उपस्थित रहे।