GGU की पीएचडी छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में किया आत्महत्या का प्रयास..

केमिस्ट्री लैब में केमिकल सेवन की आशंका, हालत गंभीर; अस्पताल में उपचार जारी..

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (जीजीयू) में एक गंभीर घटना सामने आई, जब विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में शोधरत एक छात्रा ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा ने केमिस्ट्री लैब में किसी रासायनिक पदार्थ (केमिकल) का सेवन कर लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।

छात्रा की पहचान पायल ठाकुर के रूप में हुई है, जो सरगुजा जिले की रहने वाली बताई जा रही है और जीजीयू के रसायन विज्ञान विभाग में पीएचडी की पढ़ाई कर रही है। गंभीर हालत में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल प्रथम हॉस्पिटल में उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार छात्रा की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उसे लगातार निगरानी में रखा गया है।

लैब में बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप..

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्रा विभागीय प्रयोगशाला में मौजूद थी। इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि उसने किसी रासायनिक पदार्थ का सेवन किया है। हालांकि, उसने कौन-सा केमिकल लिया और कितनी मात्रा में लिया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

घटना की जानकारी मिलते ही विभाग के शिक्षक, कर्मचारी और अन्य छात्र मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है।

आत्महत्या के प्रयास की वजह अब तक स्पष्ट नहीं..

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। घटना के पीछे व्यक्तिगत, शैक्षणिक या अन्य किसी प्रकार का तनाव था या नहीं, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि छात्रा के साथियों, विभागीय शोधार्थियों और शिक्षकों से भी जानकारी ली जा सकती है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

विश्वविद्यालय प्रबंधन पर उठे सवाल..

घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ छात्रों और शोधार्थियों ने आरोप लगाया है कि प्रयोगशालाओं में रखे जाने वाले रासायनिक पदार्थों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जाती।

हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रबंधन का कहना है कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस और प्रशासन की नजर..

घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। छात्रा के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या के प्रयास का है या किसी अन्य परिस्थिति का परिणाम।

फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है और छात्रा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।